प्रभादेवी के नए डबलडेकर पुल का पहला 92.5 मीटर गर्डर नवंबर में लगाने की तैयारी
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प्रभादेवी (एलफिन्स्टन) की जगह बन रहे नए डबलडेकर पुल का काम तेज हुआ है। दिवाली के बाद नवंबर में पहला गर्डर लगाने की तैयारी है और पूरा पुल 31 मई 2027 तक खोलने का लक्ष्य है।
मुंबई के प्रभादेवी (एलफिन्स्टन) पुल की जगह बन रहे नए डबलडेकर पुल का काम अब तेज हो गया है। यह पुल मुंबई की आवाजाही में अहम भूमिका निभाता रहा है और इसकी ऐतिहासिक पहचान भी है। पुराना पुल जर्जर और खतरनाक हो गया था, इसलिए उसे पिछले करीब एक साल से बंद रखा गया है। अब नए पुल के काम में एक अहम कदम उठाया जा रहा है।
प्लान के मुताबिक दिवाली के बाद, यानी नवंबर महीने में पुल का पहला गर्डर लगाया जाएगा। यह गर्डर 92.5 मीटर लंबा है और बेहद भारी-भरकम है। इसे सुरक्षित तरीके से खड़ा करना इस प्रोजेक्ट का बड़ा काम माना जा रहा है।
यह पुल मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) के मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL) प्रोजेक्ट के तहत वरली-शिवड़ी कनेक्टर का एक जरूरी हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (महारेल) बना रहा है। फिलहाल करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
गर्डर रेलवे की पटरियों के ऊपर से गुजरेगा, इसलिए उसे लगाने के लिए मध्य और पश्चिम रेलवे प्रशासन से कुल 62 मेगाब्लॉक की औपचारिक मांग की गई है। इनमें 14 संयुक्त ब्लॉक भी शामिल हैं। ब्लॉक का टाइमटेबल कैसा होगा, इस पर रेलवे और महारेल के बीच अभी आखिरी दौर की बातचीत चल रही है।
मध्य और पश्चिम रेलवे की लोकल और लंबी दूरी की गाड़ियां यहां से लगातार चलती रहती हैं, इसलिए यह काम काफी चुनौती भरा होगा। शुरुआत में दोनों रेलवे की पटरियों पर अलग-अलग ब्लॉक लिए जाएंगे। जब गर्डर का काम आधे पर पहुंच जाएगा, तब संयुक्त ब्लॉक की जरूरत पड़ेगी। डबलडेकर ढांचे वाले इस पुल पर पहला गर्डर बैठते ही दूसरा गर्डर भी खड़ा किया जाएगा। यह पूरा चरण नवंबर और दिसंबर 2026 के आखिर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नया पुल करीब 27 मीटर की ऊंचाई से गुजरेगा। यह सेनापति बापट मार्ग और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग को जोड़ेगा, जिससे पूर्व-पश्चिम की आवाजाही आसान होगी। पुल पर गाड़ियों के लिए कुल चार अलग-अलग लेन होंगी। इससे वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने और सफर तेज होने की उम्मीद है।
गर्डर का काम पूरा होने के बाद रेलवे की हद के बाहर की जगह खाली हो जाएगी। इसके बाद ठेकेदार जे. कुमार कंपनी वरली-शिवड़ी कनेक्टर की बाकी बची नींव का काम शुरू करेगी।
1913 में बना पुराना प्रभादेवी पुल खतरनाक हो जाने की वजह से सितंबर 2025 में आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था। नए डबलडेकर पुल का पूरा काम आने वाली 31 मई 2027 तक खत्म करके उसे आम लोगों के लिए खोलने का सख्त लक्ष्य तय किया गया है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था में आसानी आएगी।
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