पोप लियो चौदहवें ने अमेरिकी मध्यावधी चुनाव में डाक से वोट डाला, ऐसा करने वाले पहले पोप
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दुनिया भर के कैथलिकों के सर्वोच्च धर्मगुरु ने शिकागो के लिए डाक से बैलट भेजा। वेटिकन के प्रेस ऑफिस ने 30 अक्टूबर को उनके वोट की पुष्टि की।
दुनिया भर के कैथलिक लोगों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो चौदहवें ने अमेरिका के मध्यावधी चुनाव में वोट डालकर इतिहास रच दिया है। अमेरिकी चुनाव में वोट डालने वाले वे पहले पोप बन गए हैं। वे वेटिकन में रहते हैं, फिर भी उन्होंने अमेरिका की नागरिकता बरकरार रखी है और अपना वोट डाक के जरिए दिया है। उनके इस फैसले की अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
पोप लियो चौदहवें का असली नाम रॉबर्ट फ्रांसिस प्रेवोस्ट है। उनका जन्म अमेरिका के शिकागो में हुआ था। साल 2025 में पोप चुने जाने के बाद से वे वेटिकन में रह रहे हैं। लेकिन उन्होंने अमेरिकी नागरिकता छोड़ी नहीं है, इसलिए अमेरिकी चुनाव में वोट डालने का उनका हक आज भी कायम है।
अमेरिका के इलिनॉय राज्य की विल काउंटी में उनका नाम वोटर के तौर पर दर्ज है। आने वाले मध्यावधी चुनाव के लिए उन्होंने 3 अक्टूबर को डाक से वोट डालने के लिए अर्जी दी थी। इसके बाद उन्होंने अपना वोट दर्ज किया और बैलट पेपर शिकागो भेज दिया। वेटिकन के प्रेस ऑफिस ने 30 अक्टूबर को उनके वोट डालने की आधिकारिक पुष्टि की।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की हिस्सेदारी को लेकर भी पोप लियो चौदहवें ने अपनी बात साफ रखी है। उन्होंने कहा कि वोट डालना हर पात्र नागरिक का अधिकार है, और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होना उसकी जिम्मेदारी भी है। वेटिकन ने बताया कि जब वे पेरू में रहते थे, तब भी जिन चुनावों में वे वोट देने के पात्र थे, उनमें उन्होंने अपना हक इस्तेमाल किया था।
अमेरिका में मध्यावधी चुनाव 3 नवंबर 2026 को होंगे। इस चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जबकि सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होगा। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के चुनाव भी होने हैं। इतने अहम चुनाव में पोप लियो चौदहवें के वोट डालने से उनकी हिस्सेदारी को ऐतिहासिक अहमियत मिल गई है।
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