अमेरिकी मध्यावधी चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन से जुड़े ग्रुपों को दिए 250 मिलियन डॉलर
उद्योगपति इलॉन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े ग्रुपों को 250 मिलियन डॉलर का चंदा दिया है। पार्टी कांग्रेस में बहुमत बचाने की लड़ाई में है।
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अमेरिका में मध्यावधी चुनाव की हवा चलने लगी है और सियासी पार्टियों ने प्रचार के लिए अपनी पूरी आर्थिक ताकत झोंक दी है। इसी बीच उद्योगपति इलॉन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े ग्रुपों को 250 मिलियन डॉलर का चंदा दिया है।
अमेरिका के चुनावों को पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि उनका असर दुनिया की सियासत पर पड़ता है। वहां कॉरपोरेट कंपनियां और बड़े उद्योगपति खुलेआम चंदा देते हैं। अमेरिका में इसे नैतिक और कानूनी, दोनों नजरिए से मान्यता मिली हुई है।
अमेरिका में निजीकरण बहुत ज्यादा है, इसलिए वहां का समाज भारत से अलग ढंग से चलता है। कुछ समय पहले ट्रम्प और मस्क के बीच विवाद हुआ था। तब यह माहौल बन गया था कि मस्क अब कभी ट्रम्प का साथ नहीं देंगे। लेकिन पर्दे के पीछे कुछ घटनाएं हुईं और मस्क ने एक बार फिर ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को भरपूर चंदा दिया है।
इस चुनाव में अरबपतियों का चंदा देना एक अहम भूमिका निभा रहा है। रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना बहुमत बचाए रखने के लिए जूझ रही है। ऐसे में मस्क की इस आर्थिक मदद से पार्टी को बड़ा सहारा मिलने की संभावना है।
मध्यावधी चुनाव में कांग्रेस के भीतर अपना बहुमत टिकाए रखना रिपब्लिकन पार्टी के सामने बड़ी चुनौती है। मौजूदा सियासी हालात देखते हुए पार्टी को अपना चुनाव प्रचार और आक्रामक ढंग से चलाना पड़ेगा। ऐसे वक्त में मस्क से मिला बड़ा फंड पार्टी की प्रचार मुहिम को आर्थिक ताकत दे सकता है।
अमेरिकी चुनावों में अरबपतियों और बड़े उद्योगपतियों के चंदे का असर लगातार चर्चा का मुद्दा रहा है। बड़े चंदों की वजह से सियासी पार्टियों के पास प्रचार के लिए ज्यादा संसाधन आ जाते हैं। मगर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या इससे नीतिगत फैसलों पर अमीर चंदा देने वालों का असर बढ़ता है। अब सबकी नजर इस पर है कि आने वाले चुनावों में मस्क का यह आर्थिक समर्थन रिपब्लिकन पार्टी के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।