पटना में खड़गे के बयान पर बवाल, बीजेपी का देशभर में आंदोलन, शिकायत भी दर्ज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के पटना की सभा में दिए बयान पर बीजेपी ने सोमवार को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है।
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। मामला पटना का है, जहां रविवार को हुई एक सभा में खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर टिप्पणी की। बीजेपी इस पर बेहद आक्रामक है और उसने सोमवार को पूरे देश में उनके खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है। पटना के कोतवाली पुलिस थाने में खड़गे के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है।
यह सभा बापू सभागार में हुई थी। खड़गे बिहार दौरे पर हैं और मंच से केंद्र सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साध रहे थे। बताया गया है कि उन्होंने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में हुई कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया और कहा कि इसमें शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा। इसी बीच भीड़ में मौजूद एक आदमी ने एतराज जताया और कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे।
इसके बाद खड़गे ने जो जवाब दिया, उसे लेकर दोनों फाइलिंग में शब्द थोड़े अलग दर्ज हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, "मोदी के पिता भी जाएंगे।" दूसरी रिपोर्ट में उनके शब्द यूं लिखे गए हैं: "मोदी का बाप भी जाएगा।" दूसरी रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद सभा में काफी हंगामा मच गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एतराज करने वाले आदमी को पकड़कर पीट दिया। भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विवाद और भड़क गया।
शिकायत बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने दी है। उनका आरोप है कि खड़गे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और उनके पिता के बारे में अपमानजनक और असभ्य भाषा बोली। अब सबकी नजर इस पर है कि पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है। यहां यह भी याद रखना चाहिए कि शिकायत दर्ज होने भर से कोई आरोप साबित नहीं हो जाता।
बीजेपी ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अपमानजनक, असभ्य और आपत्तिजनक बातें कही हैं। पार्टी ने सोमवार को अपने सभी राज्य मुख्यालयों पर तीखा आंदोलन करने को कहा है और उस दिन खड़गे का पुतला जलाया जाएगा। पटना में 26 अक्टूबर की सुबह आयकर गोलंबर इलाके में भी पुतला फूंकने की योजना है।
गृहमंत्री अमित शाह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के बारे में ऐसी बात कहकर खड़गे ने राजनीति की सारी मर्यादा तोड़ दी। शाह के मुताबिक कांग्रेस ने पहली बार मोदी या उनके परिवार के खिलाफ ऐसी भाषा नहीं बोली, इससे पहले प्रधानमंत्री की मां के लिए भी अपमानजनक शब्द इस्तेमाल हो चुके हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस रोज बदतमीजी की हद पार कर रही है और जनता के सवाल सुलझाने की उसके पास कोई ठोस नीति नहीं बची।
कांग्रेस खड़गे के बचाव में उतर आई है। पवन खेड़ा ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला बोला। उनका दावा है कि खड़गे भाषण दे रहे थे, तभी एक आदमी ने बीच में चिल्लाकर टोका, और उसे जवाब देते हुए खड़गे ने बीजेपी की वैचारिक भूमिका का जिक्र किया। भूपेश बघेल ने भी खड़गे का समर्थन किया। उनका कहना है कि राजनीतिक भाषण के बीच हुई बातचीत का संदर्भ देखना जरूरी है। बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी के पहले के कुछ बयान गिनाकर बीजेपी के रुख पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस का कुल मिलाकर कहना है कि यह विरोधियों की नारेबाजी का जवाब था।
इसी भाषण में खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया पर भी बात की। उन्होंने मांग की कि चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं, और बीजेपी पर चुनाव में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने अमित शाह के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि कांग्रेस अगले 30 साल सत्ता में नहीं आएगी। खड़गे ने पूछा कि 30 साल बाद कौन जिंदा रहेगा, और कहा कि ऐसे बयान लोगों को गुमराह करने वाले हैं।
एक तरफ बीजेपी इसे प्रधानमंत्री का अपमान बता रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस इसे नारेबाजी के जवाब में कही गई बात कह रही है। देशभर के आंदोलन के बाद आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं।
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