पाटील इस्टेट में टूटा चेंबर बना खतरा, मनसे ने पुणे महापालिका को दी दो दिन की मोहलत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे के पाटील इस्टेट इलाके में बारिश के पानी की निकासी वाले चेंबर का ढक्कन कई महीनों से टूटा पड़ा है। यह चेंबर पुराने पुणे-मुंबई हाईवे पर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या फ्लाईओवर के नीचे, छत्रपती शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन के पिछले गेट के पास, पाटकर प्लॉट में माधुरी स्नैक्स सेंटर के सामने है। गाड़ी चलाने वालों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा का सवाल गंभीर हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने मांग की है कि आने वाले दो दिनों में ढक्कन की मरम्मत की जाए।
यह सड़क संकरी है और पुराने पुणे-मुंबई हाईवे का हिस्सा है। यहां दोपहिया, रिक्शा और चारपहिया गाड़ियों की भारी आवाजाही रहती है। छत्रपती शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्री भी लगातार यहां से गुजरते हैं। ऐसी भीड़भाड़ वाली जगह पर ढक्कन टूटने से हादसे का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस चेंबर में गाड़ियों के टायर फंसकर खराब हुए हैं और छोटे-बड़े हादसे भी हुए हैं। मनसे ने बताया कि पिछले हफ्ते एक छोटे बच्चे का पैर चेंबर में फंस गया और वह जख्मी हो गया।
ढक्कन की मरम्मत नहीं हुई तो लोगों ने अस्थायी इंतजाम के तौर पर उस पर लकड़ी का दरवाजा रख दिया। बताया जा रहा है कि गाड़ियों की लगातार आवाजाही से यह दरवाजा भी टूट रहा है। इसलिए नागरिकों की मांग है कि कोई बड़ा हादसा होने से पहले महापालिका फौरन ध्यान दे।
इस समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और विद्यार्थियों ने मनसे के पाटील इस्टेट वाले दफ्तर में शिकायत की थी। इसके बाद पुणे महापालिका के आयुक्त, छत्रपती शिवाजीनगर-घोले रोड क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक आयुक्त और पथ विभाग के मुख्य कार्यकारी अभियंता को निवेदन दिया गया। निवेदन में चेतावनी दी गई है कि आने वाले दो दिनों में चेंबर का ढक्कन ठीक नहीं किया गया तो मनसे की ओर से संबंधित कार्यालय के सामने आंदोलन किया जाएगा।
यह निवेदन मनसे के पुणे शहर उपाध्यक्ष सुहास निम्हण के मार्गदर्शन में दिया गया। इस मौके पर अँथोनी आढाव, संजय तोडमल, केरबा जौंजट, राजू भेकरे, रमेश साठे, किशोर इंगवले समेत मनसे के कई कार्यकर्ता मौजूद थे।