शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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पढ़ाई में आगे, फिर भी मन पर बोझ: सर्वे में लड़कियों का भरोसा और सुकून लड़कों से कम

पढ़ाई में आगे, फिर भी मन पर बोझ: सर्वे में लड़कियों का भरोसा और सुकून लड़कों से कम तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

आईसी-3 इंस्टिट्यूट और CISCE की 'स्टूडेंट वेल बीइंग पल्स रिपोर्ट 2025-26' में देश के 8,515 विद्यार्थियों से बात की गई। स्कूल में खुश रहने वाली लड़कियां आत्मविश्वास, शांति और प्रेरणा में पीछे दिखीं।

स्कूल में पढ़ाई और अच्छे प्रदर्शन के बावजूद लड़कियों के आत्मविश्वास और मन की शांति को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। 'स्टूडेंट वेल बीइंग पल्स रिपोर्ट 2025-26' आईसी-3 इंस्टिट्यूट और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने मिलकर जारी की है। देशभर के 8,515 विद्यार्थियों के बीच किए गए इस सर्वे ने स्कूलों में बच्चों की भावनात्मक हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक लड़कियां स्कूल में लड़कों से ज्यादा खुश बताई गई हैं। करीब 62 फीसदी लड़कियों ने माना कि वे स्कूल में हमेशा खुश रहती हैं, जबकि लड़कों में यह आंकड़ा 58 फीसदी है। लेकिन जैसे ही बात आत्मविश्वास, प्रेरणा और मन की शांति की आती है, तस्वीर काफी चिंताजनक हो जाती है।

आत्मविश्वास के मामले में फर्क साफ दिखता है। सर्वे में सिर्फ 52 फीसदी लड़कियों ने कहा कि उन्हें अक्सर या हमेशा अपने ऊपर भरोसा रहता है, जबकि 64 फीसदी लड़कों ने ऐसा कहा। सबसे फिक्र की बात यह है कि 22 फीसदी लड़कियों ने बताया कि उन्हें कभी अपने ऊपर भरोसा महसूस नहीं होता। लड़कों में ऐसा कहने वाले सिर्फ 14 फीसदी हैं।

यही फर्क मन की शांति और प्रेरणा में भी नजर आता है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ 42 फीसदी लड़कियां अक्सर या हमेशा खुद को शांत और तनावमुक्त महसूस करती हैं, जबकि 53 फीसदी लड़के ऐसा महसूस करते हैं। 28 फीसदी लड़कियों ने माना कि वे मुश्किल से ही शांत रह पाती हैं, वहीं लड़कों में यह हिस्सा 22 फीसदी रहा। कोई भी काम करने के लिए हमेशा प्रेरित महसूस करने वाली लड़कियां 55 फीसदी हैं, जबकि लड़कों में यह 61 फीसदी है।

अच्छी भावनाओं की कमी के साथ-साथ लड़कियों को बुरी भावनाओं से भी ज्यादा जूझना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 33 फीसदी लड़कियां अक्सर या हमेशा चिंता में रहती हैं, जबकि ऐसा अनुभव करने वाले लड़के 23 फीसदी हैं। इसी तरह 36 फीसदी लड़कियों ने कहा कि उन्हें अक्सर निराशा महसूस होती है, जबकि लड़कों में यह आंकड़ा 28 फीसदी है।

इसके अलावा सर्वे में लड़कियों के बीच ऊर्जा की कमी और लगातार उदास रहने की शिकायतें भी ज्यादा पाई गईं। कुल मिलाकर रिपोर्ट यह तस्वीर रखती है कि स्कूल में खुश रहने के बावजूद बड़ी संख्या में लड़कियां भीतर से भरोसे, शांति और हौसले की कमी से गुजर रही हैं।

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