दिवाली से पहले पुणे में FDA का छापा, मिठाई और खोया जब्त, 559 किलो माल नष्ट
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अन्न व औषध प्रशासन ने 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' मुहिम में पुणे और पिंपरी-चिंचवड की मिठाई दुकानों और डेयरियों पर कार्रवाई की।
त्योहारों के मौसम में मिठाई और दूध से बने सामान की क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड इलाके में बड़ी कार्रवाई की है। 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' मुहिम के तहत गुरुवार (5 तारीख) को हुई जांच में अलग-अलग दुकानों और यूनिटों से बड़ी मात्रा में संदिग्ध घटिया क्वालिटी की मिठाई और दूध से बने सामान जब्त किए गए।
यह मुहिम एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे की पहल पर चल रही है। इसके तहत पुणे और पिंपरी-चिंचवड की मिठाई दुकानों, खाने-पीने का सामान बनाने वालों और बेचने वालों की जांच की गई। पुणे में मिठाई और खोए का 559 किलो स्टॉक नष्ट किया गया है।
सबसे बड़ा स्टॉक पिंपरी सांदस की नायकवाडे डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स में मिला। वहां से 3 हजार 99 किलो खोया जब्त किया गया, जिसकी अंदाजन कीमत 9 लाख 29 हजार 700 रुपये बताई गई है।
बाकी जगहों की कार्रवाई इस तरह रही। नारायणगांव के भैरवनाथ फूड्स से 666 किलो महिम हलवा और बादाम हलवा जब्त हुआ। रावेत के माधव मिठास से 142 किलो केसरी पेड़ा और बालूशाही, और मुलशी के सफा अर्शी स्वीट होम से 97 किलो सुटी बूंदी पकड़ी गई।
मोशी के बीकानेर स्वीट्स से 160 किलो बर्फी, दापोड़ी के रुची मिष्ठान भंडार से 70 किलो मावा और वडगांव बुद्रुक के पंचाली स्वीट्स से चार किलो मोतीचूर लड्डू जब्त किए गए। बिबवेवाड़ी में सोमेश्वर गौरीप्रसाद पारदेशी के यहां से 200 किलो सेव और बूंदी, शिवणे के कन्हैया स्वीट्स से 51 किलो बर्फी और बूंदी, और रावेत के बंधन स्वीट्स से 91 किलो कलाकंद और पेड़ा जब्त हुआ। चिंचवड के बंधन स्वीट्स से 119 किलो मीठा मावा और शिरूर की हिंदवी एजेंसी से 52 किलो स्वीट हलवा भी जब्त किया गया।
प्रशासन के मुताबिक कुछ दुकानों और यूनिटों में गंदगी मिली, सामान ठीक से स्टोर नहीं किया गया था, खाने के रंग के इस्तेमाल में कमियां थीं और जरूरी लाइसेंस भी नहीं थे। इसी वजह से संबंधित लोगों पर लाइसेंस सस्पेंड करने और कारोबार बंद कराने की कार्रवाई की गई। जल्दी खराब होने वाले और असुरक्षित होने के शक वाले खाने के सामान को नष्ट कर दिया गया।
प्रशासन ने खाने-पीने का कारोबार करने वालों से अपील की है कि वे जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन लेकर ही काम करें, बनाने और बेचने की जगह पर सफाई रखें, और सामान को ठीक से स्टोर करें और संभालें। एफडीए ने पुणे विभाग के स्टॉक की कुल कीमत और कार्रवाई का अंतिम ब्योरा जारी किया है, लेकिन उसमें दूसरे जिले भी शामिल हैं।
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