चंद्रपुर में FDA की जांच: 10 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, 36 लाख का खाद्य माल जब्त
त्योहारों में मिलावट रोकने के लिए अन्न व औषध प्रशासन ने चंद्रपुर जिले में विशेष मुहिम चलाई। 92 प्रतिष्ठानों की जांच हुई और 8 हजार 988 किलो माल जब्त किया गया।
चंद्रपुर जिले में त्योहारों के मौसम में मिलावट पर लगाम कसने के लिए अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने विशेष जांच मुहिम चलाई है। प्रशासन के मुताबिक इस दौरान 92 प्रतिष्ठानों की जांच की गई और विश्लेषण के लिए खाने-पीने की चीजों के 170 नमूने लिए गए।
जांच में अन्न सुरक्षा और साफ-सफाई के लिहाज से गंभीर खामियां मिलीं। इसी वजह से 51 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस थमाया गया। वहीं 10 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निलंबित कर दिए गए।
एफडीए ने मिलावट या क्वालिटी पर शक होने पर 8 हजार 988 किलो खाद्य सामग्री का स्टॉक भी जब्त किया है, जिसकी कीमत 36 लाख रुपये बताई गई है। जब्त माल में खाने का तेल, खवा, मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, अलग-अलग मसाले, गुड़, मूंगफली और चायपत्ती शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि त्योहारों में लोग मिठाई, फराल का सामान, खाने का तेल और मसाले बड़ी मात्रा में खरीदते हैं। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी घटिया या मिलावटी माल बेच सकते हैं। यही देखते हुए जांच मुहिम तेज की गई है।
एफडीए ने पिछले सात महीनों का हिसाब भी दिया है। 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2026 के बीच जिले के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों से 316 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 210 नमूने मानक पर खरे घोषित हुए, जबकि 96 नमूनों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
बाकी नमूनों में तीन कम क्वालिटी के, पांच मिसब्रांडेड और दो असुरक्षित पाए गए। इनमें से आठ मामलों में फैसले के लिए सहआयुक्त, नागपुर के पास केस दाखिल किए गए हैं। बाकी मामलों में आगे की कार्रवाई जारी है।
इन्हीं सात महीनों में जिले के 243 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई। नियमों के उल्लंघन और साफ-सफाई की कमियों पर 135 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए। दस प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित हुए। इसके अलावा 29 प्रतिष्ठानों पर दंडात्मक कार्रवाई करके दो लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
सहायक आयुक्त (अन्न व औषध) प्रवीण उमप ने कहा कि खाद्य कारोबारियों को अन्न सुरक्षा और मानक कानून 2006 तथा नियम व विनियम 2011 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करते हुए ही धंधा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उमप के मुताबिक शुद्ध और सुरक्षित खाना मिलना हर नागरिक का हक है और खाने की चीजों में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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