दिवाली की मिठाई और पकवान से फूड पॉइजनिंग का खतरा, खान-पान की चूक पड़ सकती है भारी
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त्योहार में मिठाई, चिवड़ा, लड्डू और करंजी के बीच खाने की जरा सी लापरवाही पेट बिगाड़ सकती है। इस बारे में बताई गई बातें यहां हैं।
दिवाली आते ही घरों में मिठाई की खुशबू फैल जाती है, थालियों में मिठाई सजती है और नाश्ते के डिब्बे भरे रहते हैं। बाजार में भी भीड़ रहती है। मिठाई, चिवड़ा, लड्डू और गुझिया देखकर हर किसी का मन ललचाता है। लेकिन त्योहार की इस भागदौड़ में लोग खाने-पीने की सावधानी भूल जाते हैं, और जरा सी चूक से पेट बिगड़ जाता है।
इस सामग्री में बताया गया है कि बाहर का खराब खाना, मिलावटी मिठाई और काफी देर तक खुले में रखे पदार्थ खाने से फूड पॉइजनिंग हो जाती है। फिर दिवाली खुशी में बीतने के बजाय अस्पताल के चक्कर में निकल जाती है। इसलिए खाते वक्त थोड़ा संभलकर चलने की बात कही गई है।
फूड पॉइजनिंग की वजह क्या होती है, इस पर कहा गया है कि दिवाली में मिठाई और नाश्ते की मांग बहुत बढ़ जाती है। इस वजह से दुकानदार भी जल्दबाजी में माल बनाते हैं और कुछ चीजें ठीक से रखी नहीं जातीं। देर तक बाहर पड़ा खाना, गंदा पानी, मिलावटी मिठाई और बासी खाना इसकी वजह बनते हैं। कुछ गलतियां घर में भी होती हैं, जैसे खाने से पहले हाथ न धोना, कच्चा और पका हुआ खाना एक ही जगह रखना और गंदे बर्तन इस्तेमाल करना। इनसे भी खाना खराब हो जाता है।
पेट बिगड़ने की पहचान के बारे में बताया गया है कि सबसे पहले पेट में दर्द शुरू होता है। इसके बाद मरोड़ उठती है, मितली आती है और उल्टी होती है। बार-बार दस्त लगते हैं, बुखार आता है, सिर दुखता है और बहुत कमजोरी लगती है। उल्टी और दस्त से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। मुंह सूखता है और चक्कर आता है। ऐसे लक्षण दिखें तो उन्हें नजरअंदाज न करने को कहा गया है।
खाना रखने के बारे में सलाह यह है कि पका हुआ खाना बाहर दो घंटे से ज्यादा न रखा जाए। अगर बाहर बहुत गर्मी हो और तापमान 32 डिग्री से ऊपर हो, तो उसे एक घंटे के अंदर फ्रिज में रख देना चाहिए। बचा हुआ खाना ढककर फ्रिज में रखें और दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गरम करें। खाने की गंध या स्वाद बदला लगे तो उसे बिल्कुल न खाएं, फेंक दें। कच्चा और पका हुआ खाना कभी साथ नहीं रखना चाहिए, दोनों अलग रखें।
साफ-सफाई को लेकर कहा गया है कि इससे आधी परेशानी कम हो जाती है। खाना बनाने और खाने से पहले हाथ साबुन से धोएं। फल और सब्जियां साफ पानी से धोकर ही इस्तेमाल करें। बर्तन, चाकू और कटिंग बोर्ड साफ होने चाहिए। कच्चा मांस और सब्जियां काटने के लिए अलग-अलग बोर्ड लगाएं, और पीने के लिए हमेशा साफ पानी लें। बाहर खा रहे हों तो पहले देख लें कि दुकान साफ है या नहीं। खुले में रखी मिठाई और जिस खाने पर मक्खियां बैठी हों, उससे बचने को कहा गया है।
फूड पॉइजनिंग हो जाए तो क्या करें, इस पर सलाह है कि घबराएं नहीं। खूब पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस लें। हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं, ज्यादा तेल-मसाले वाला न खाएं और शरीर को पूरा आराम दें। डॉक्टर से पूछे बिना कोई गोली न लें। लेकिन लगातार उल्टियां हो रही हों, शौच में खून आ रहा हो, तेज बुखार हो या पेशाब कम हो रहा हो, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाने की बात कही गई है।
आखिर में कहा गया है कि दिवाली खाने और खुशी मनाने का त्योहार है, पर पेट का ख्याल रखा जाए तभी त्योहार का असली मजा मिलता है। यानी मिठाई खाइए, पर संभलकर खाइए।
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