नांदेड से शुरू होगी राज्यभर की आरोग्य संवाद यात्रा, मंत्री आबिटकर जनता से करेंगे सीधी बात
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सार्वजनिक आरोग्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की पहल पर 1 नवंबर को नांदेड से शुरू होने वाली यह यात्रा 5 दिसंबर 2026 तक चलेगी।
राज्य की सार्वजनिक आरोग्य व्यवस्था को ज्यादा मजबूत, अच्छी क्वालिटी वाली और लोगों के करीब लाने के लिए राज्यव्यापी आरोग्य संवाद यात्रा आयोजित की जा रही है। यह यात्रा सार्वजनिक आरोग्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की पहल पर हो रही है। 1 नवंबर को नांदेड से आरोग्य मंत्री की मौजूदगी में इसकी शुरुआत होगी और यह 5 दिसंबर 2026 तक चलेगी।
इस यात्रा के जरिए आरोग्य मंत्री सीधे जनता से बात करेंगे। राज्य की आरोग्य सेवाओं का जायजा लिया जाएगा और उनमें जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने पर जोर दिया जाएगा।
यात्रा को 'माझा गांव, आरोग्यसंपन्न गांव' अभियान से जोड़ा गया है। इसके तहत सार्वजनिक स्वच्छता, साफ पानी की सप्लाई, पोषण, गंदे पानी का प्रबंधन, बीमारियों पर नियंत्रण और सेहतमंद जीवनशैली को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी। बीमारियों से बचाव के उपायों में गांव स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
यह यात्रा सिर्फ आरोग्य योजनाओं की जानकारी देने वाली मुहिम नहीं होगी। लोगों के अनुभवों के आधार पर आरोग्य व्यवस्था में सुधार तय करने की कोशिश है। आरोग्य समितियों, जनप्रतिनिधियों, आरोग्य कर्मचारियों, मेडिकल पेशे से जुड़े लोगों और आम नागरिकों के बीच तालमेल बढ़ाकर आरोग्य सेवाओं की जवाबदेही मजबूत करने पर जोर रहेगा।
यात्रा में 125 नई संस्थाओं का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही जिला एकात्मिक आरोग्यवर्धिनी समिति, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र समिति, रोगी कल्याण समिति, जन आरोग्य समिति और ग्राम आरोग्य, पोषण स्वच्छता समिति में से किसी एक के साथ बैठक और चर्चा होगी। सरकारी आरोग्य संस्थाओं के कामकाज का मौके पर जाकर मुआयना और जायजा भी लिया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल आरोग्य कार्यक्रम के तहत जिन स्कूलों और आंगनवाड़ियों में जांच हुई है, वहां जाकर इस योजना का जायजा लिया जाएगा। इसके अलावा महात्मा फुले जनआरोग्य योजना और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जनआरोग्य योजना में शामिल अस्पतालों का दौरा होगा, जहां निजी डॉक्टरों और मरीजों से बात की जाएगी।
घर जाकर मुलाकात का भी कार्यक्रम है। पैलिएटिव केयर, सिकलसेल, संस्थागत प्रसूति वाली माताओं, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिन बच्चों की सर्जरी हुई, क्षयरोग, कुष्ठरोग, जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों, कैंसर जांच के मरीजों और महात्मा फुले जनआरोग्य योजना का लाभ ले चुके मरीजों से संवाद किया जाएगा।
यात्रा में यह देखा जाएगा कि आरोग्य योजनाओं का असली फायदा नागरिकों तक कितना पहुंच रहा है, आरोग्य संस्थाओं में कौन सी सुविधाएं हैं और मरीजों की सेवा में क्या दिक्कतें आती हैं। हर जिले के पांच प्राथमिक आरोग्य केंद्रों और दो ग्रामीण अस्पतालों के कामकाज की हकीकत जानी जाएगी। आरोग्य उपकेंद्रों से लेकर जिला, महानगरपालिका, महिला मानसिक रोग और विशेष अस्पतालों तक की सेवाओं का भी जायजा लिया जाएगा।
नागरिकों की जरूरतें समझना, आरोग्य सेवाओं की कमियां पहचानना और मिले सुझावों के आधार पर सुधार करना, इस मकसद से आयोजित यह यात्रा राज्य की सार्वजनिक आरोग्य व्यवस्था को ज्यादा मजबूत और लोगों के करीब लाने के लिए अहम साबित होगी। यात्रा में सार्वजनिक आरोग्य विभाग के सचिव, आयुक्त, संचालक, सहसंचालक, उपसंचालक, जिला आरोग्य अधिकारी, जिला शल्यचिकित्सक और अलग-अलग आरोग्य योजनाओं के प्रमुख अधिकारी शामिल होंगे।
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