नांदेड में फायनान्स कंपनी के दफ्तर में किसान की लाश मिली, परिवार का गंभीर आरोप
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नांदेड में एक निजी फायनान्स कंपनी के दफ्तर में 40 साल के किसान की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक का नाम चंद्रकांत शिंदे है। दावा किया गया है कि सिर्फ 10 हजार रुपये के कर्ज की वसूली के लिए उन्हें कंपनी के दफ्तर लाया गया था। इस घटना के बाद शिंदे के परिवार ने फायनान्स कंपनी के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने संदिग्ध मौत की एंट्री करके जांच शुरू कर दी है।
राज्य में सूखे और आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों से कर्ज वसूली का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। नांदेड की यह घटना उसी बहस के बीच सामने आई है।
मिली जानकारी के मुताबिक चंद्रकांत शिंदे नांदेड जिले के माळकौठा गांव के रहने वाले थे। उनके पास 2 एकड़ खेती थी। पैसों की जरूरत पड़ने पर उन्होंने 'के एफ एंटरप्रायझेस' नाम की निजी फायनान्स कंपनी से 10 हजार रुपये का कर्ज लिया था।
बताया गया है कि इस कर्ज की वसूली के लिए कंपनी के कर्मचारी बुधवार को उन्हें गांव से दफ्तर लेकर आए थे। इसके बाद गुरुवार को कंपनी के दफ्तर में चंद्रकांत शिंदे की लाश फांसी लगी हालत में मिली। खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
शिंदे की मौत के बाद उनके परिवार ने फायनान्स कंपनी के कर्मचारियों पर संगीन इल्जाम लगाए हैं। रिश्तेदारों का आरोप है कि कर्ज वसूली के लिए उन्हें दफ्तर में बंद करके मारा-पीटा गया और फिर मौत को दूसरा रंग देने के लिए लाश को लटका दिया गया।
हालांकि ये आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। किसान की मौत किन हालात में हुई, इसकी जांच चल रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और दूसरे सबूतों से अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया गया है और मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के पीछे के हालात साफ होने में मदद मिलेगी। साथ ही किसान को कर्ज वसूली के लिए दफ्तर लाए जाने से लेकर लाश मिलने तक असल में क्या हुआ, इसकी पूछताछ भी अहम होगी।
सूखे और तंगी में फंसे किसानों से कर्ज वसूलते वक्त फायनान्स कंपनियों को नियमों का पालन करना जरूरी है। इस मामले से वसूली के तरीकों और किसानों की सुरक्षा का सवाल फिर चर्चा में आ गया है।
चंद्रकांत शिंदे की मौत की वजह अभी साफ नहीं हुई है। परिवार के आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच से ही तय होगा। इसलिए अब सबकी नजर पुलिस की जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर है। शिंदे के पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। घर के कमाने वाले की मौत से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
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