नागपुर विश्वविद्यालय में UPSC-MPSC की तैयारी करने वालों के लिए रहने और पढ़ने का केंद्र बनेगा
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में निवासी प्रशिक्षण केंद्र को मंजूरी मिली। शुरुआत में विद्यार्थी भवन के खाली कमरों में रहने की सुविधा दी जाएगी।
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यूपीएससी और एमपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में निवासी प्रशिक्षण केंद्र को मंजूरी दे दी गई है। अब यूनिवर्सिटी परिसर में ही ट्रेनिंग और रहने का इंतजाम करने का रास्ता खुल गया है।
इस केंद्र की मांग कई सालों से उठ रही थी, लेकिन निधि न होने की वजह से बात आगे नहीं बढ़ पा रही थी। सीनेट की बैठक में पूर्व सदस्य दिनेश शेराम ने यह मुद्दा उठाया। इसके बाद कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया और प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने का आश्वासन दिया।
योजना के मुताबिक इसका फायदा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों को मिलेगा। खुले वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी EWS श्रेणी के तहत इसमें शामिल करने की योजना है। मकसद यह है कि जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को यूपीएससी-एमपीएससी जैसी परीक्षाओं के लिए जरूरी मार्गदर्शन और सुविधाएं मिल सकें।
शुरुआत में केंद्र के लिए अलग इमारत नहीं बनेगी। विद्यार्थी भवन के खाली कमरों को बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के अस्थायी आवास के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यहां विश्वविद्यालय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए चार-सीटर कमरे हैं। खिलाड़ी साल भर इन कमरों में नहीं रुकते, इसलिए जब ये कमरे खाली रहेंगे तब प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थी इनमें रह सकेंगे।
इस इंतजाम से शुरुआती दौर में सीमित संख्या में ही विद्यार्थियों को रहने की जगह मिल पाएगी। विश्वविद्यालय की कोशिश है कि प्रतियोगी परीक्षा की ट्रेनिंग का फायदा अलग-अलग वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचे।
इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। बेहतर तैयारी के सहारे वे आईएएस, आईपीएस समेत कई प्रशासनिक सेवाओं में चयन के अपने लक्ष्य के लिए कोशिश कर सकेंगे।
अब विद्यार्थियों की नजर इस पर रहेगी कि केंद्र कब शुरू होता है, कितनी सीटें होंगी, प्रवेश की प्रक्रिया क्या रहेगी और प्रशिक्षण कार्यक्रम कैसा होगा। इन सब की विस्तृत जानकारी का उन्हें इंतजार है।
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