नागपुर पुलिस ने एक साथ खोले पांच मामले: एमडी, नकली नोट, डकैती और लूट के आरोपी पकड़े गए
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमडी तस्करी, नकली नोट, घर में डकैती, ज्वेलर्स लूट और बुजुर्ग महिला पर हमले के मामलों में हुई कार्रवाई की जानकारी दी।
नागपुर पुलिस ने शहर में नशे की तस्करी, नकली नोट बनाने, घर में घुसकर डकैती, ज्वेलर्स की दुकान में लूट और मारपीट के पांच अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नागपुर शहर पुलिस आयुक्तालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने इसकी जानकारी दी। उनके साथ सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, डीसीपी क्राइम दीपक अग्रवाल, एसीपी वैभव जाधव और दूसरे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
पहला मामला बेलतरोड़ी इलाके में एमडी ड्रग्स की तस्करी का है। क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 5 ने वहां छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक 24 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 4.20 बजे यूनिट को एमडी पाउडर के कारोबार की भरोसेमंद सूचना मिली थी। इसी के आधार पर नरेंद्र नगर में रिंग रोड पर भारत पेट्रोल पंप के पास विजया अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल के एक फ्लैट में पंचों की मौजूदगी में छापा पड़ा। वहां अनिकेत उर्फ अन्नू बिहारे, तुफानसिंह सिसोदिया, कृष्णा उर्फ पहलवार वर्मा, राहुल उर्फ भाया गोड और शुभम उर्फ डोरेमॉन नरवरिया मिले। तलाशी में 1,405 ग्राम यानी 1 किलो 405 ग्राम एमडी पाउडर, छह मोबाइल फोन, 3 लाख 44 हजार 700 रुपये नकद, एक वर्ना कार, चार दोपहिया गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक वजन कांटा जब्त हुआ। कुल जब्त माल 1 करोड़ 54 लाख 50 हजार 700 रुपये का है।
पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि विशाल उर्फ फल्ली पृथ्वीलाल गुप्ता के निर्देश पर नागपुर में एमडी पाउडर की सप्लाई और बिक्री हो रही थी। आरोपी राजस्थान से जुड़े नेटवर्क से ड्रग्स लाकर शहर के छोटे विक्रेताओं तक पहुंचाते थे, ऐसा पुलिस का कहना है। इस मामले में कुणाल दशरथ ममुद्रे समेत छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।
विशाल उर्फ फल्ली को पुलिस ने कुख्यात एमडी तस्कर बताया है। वह भांडेवाड़ी थाना इलाके में पार्षद शुभम मोटघरे पर हुई फायरिंग में हत्या की कोशिश के मामले का मुख्य वांछित आरोपी है, जिसमें मकोका की धाराएं भी लगी हैं। पुलिस के मुताबिक उस पर अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या की कोशिश, मकोका और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार था और पहचान छिपाकर अलग-अलग जगह रह रहा था। क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 5 ने तकनीकी जांच और गोपनीय सूचनाओं से उसकी लोकेशन तमिलनाडु के रामेश्वरम में निकाली। वहां निगरानी रखकर विशाल और उसके साथ मौजूद सहेली पधराग उर्फ सानू को हिरासत में लिया गया। दोनों को स्थानीय कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मिल गया है और उन्हें नागपुर लाया जा रहा है। पुलिस अब जब्त ड्रग्स के स्रोत, सप्लाई करने वालों और खरीदारों की जांच कर रही है।
दूसरा मामला वाठोड़ा का है, जहां किराये के मकान में नकली भारतीय नोट तैयार करने के शक में पुलिस ने 37 लाख 83 हजार 600 रुपये का माल जब्त किया। पुष्पम कृष्णा बंडाने, उम्र 29 साल, को गिरफ्तार किया गया है। मकान मालिक रमेश गंगाधर हरडे ने शिकायत दी थी कि थ्री स्टार को-ऑपरेटिव सोसायटी में अपने मकान की पहली मंजिल उन्होंने बंडाने को किराये पर दी थी। दो महीने का किराया नहीं मिला और संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। 24 अक्टूबर को सुबह करीब 11.30 बजे वे किराया मांगने गए, दरवाजा खटखटाने पर जवाब नहीं आया। किसी अनहोनी की आशंका में उन्होंने दूसरी मास्टर चाबी से दरवाजा खोला तो हॉल में सोफे पर 500 रुपये के नोट जैसे दिखने वाले कागज बिखरे थे। उन्होंने तुरंत पुलिस को बताया।
पुलिस की तलाशी में कई कागजों पर 500 रुपये के नोट जैसी छपाई मिली। कुछ पर एक तरफ और कुछ पर दोनों तरफ छपाई थी। मौके से ASUS कंपनी का लैपटॉप, EPSON कंपनी का कलर प्रिंटर, दो पेपर कटर, अलग-अलग रंगों की स्याही की बोतलें और कोरे कागज भी मिले। पुलिस के मुताबिक दोनों तरफ छपे कागजों का अंकित मूल्य 37 लाख रुपये और एक तरफ छपे कागजों का 48 लाख रुपये आंका गया। ये आंकड़े कागजों पर छपी रकम के हैं, इन्हें असली मुद्रा या असल आर्थिक नुकसान के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस अब पता कर रही है कि ये नोट कहां और किस मकसद से इस्तेमाल होने थे और किसी और की भूमिका थी या नहीं।
तीसरा मामला गिट्टीखदान में घर में घुसकर डकैती का है। पुलिस के मुताबिक 23 अक्टूबर 2026 को रात करीब 12.30 बजे फ्रेंड्स कॉलोनी की पूर्वा रेसिडेंसी, नेताजी को-ऑपरेटिव सोसायटी के एक मकान में चार से पांच अज्ञात लोग ऊपरी मंजिल की सीढ़ियों से घुस आए। घर में 38 साल की सौम्या सुब्रमण्यम पालुरु अपने 14 साल के बेटे के साथ सो रही थीं। आरोपियों ने चाकू और दूसरे हथियार दिखाकर धमकाया और पूछा कि पैसे कहां रखे हैं। महिला ने कहा कि पैसे नहीं हैं, चाहें तो तलाशी ले लें। मां-बेटे के चिल्लाने पर एक आरोपी ने बेटे की गर्दन पकड़ ली। आरोपी दो मोबाइल फोन छीन ले गए, जिनकी कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है। उन्होंने बेटे के गले से सोने की चेन छीनने की कोशिश भी की। शोर मचने पर वे गैलरी के रास्ते भाग निकले।
गिट्टीखदान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गोपनीय मुखबिरों की जानकारी से संदिग्धों की पहचान की। सुमेट उर्फ छोटा सोमकुंवर, आकाश मेश्राम, भूषण अलोने, निखिल दुबे, पियूष गोस्वामी और शेख तौहीद उर्फ येडाभाई गिरफ्तार हुए हैं, और एक विधि-संघर्षग्रस्त बालक भी हिरासत में है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सुमेट करीब चार साल से महिला के पति के दफ्तर में ऑफिस बॉय था। उसे कथित तौर पर पता था कि पति दफ्तर की रकम घर लाकर रखते हैं। घटना से छह-सात दिन पहले घर में बड़ी रकम होने की जानकारी मिलने पर उसने साथियों के साथ डकैती की योजना बनाई, ऐसा पुलिस का कहना है। लूटे गए दोनों मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल हुई गाड़ियां और दूसरा सामान जब्त हुआ है, जिसकी कुल कीमत 2 लाख 60 हजार 200 रुपये बताई गई है।
चौथा मामला एमआईडीसी थाना इलाके में ढोमणे ज्वेलर्स की लूट का है। इसमें पुलिस ने एक और वांछित आरोपी गुप्तकील मनीर अहमद, उम्र 34 साल, को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में कुल 53 लाख 75 हजार रुपये का माल जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक 3 अक्टूबर 2026 को शाम 4.40 से 4.55 बजे के बीच हिंगणा रोड पर महाकाली बार के सामने की इस दुकान में चार अज्ञात लोग घुसे। उस वक्त दुकान के संचालक राकेश सुभाष ढोमणे के कर्मचारी शुभम हाडगे वहां थे। आरोपियों ने बंदूक जैसी चीज दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, करीब 350 ग्राम सोने-चांदी के गहने लूटे और कर्मचारी से मारपीट कर भाग गए। गहनों की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई थी।
एमआईडीसी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने समानांतर जांच की। तकनीकी जांच, एआई आधारित विश्लेषण और उत्तर प्रदेश व हरियाणा की स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। अभिषेक सिंह ठाकुर, जयराम उर्फ जोगिंदर ठाकुर, शुभांकित चतुर्वेदी और राजन सामी शर्मा पहले गिरफ्तार हो चुके थे। पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश में ज्वेलर्स को बेचे गए सोने में से 165 ग्राम सोना और एक दूसरे सुनार से 70 ग्राम चांदी बरामद हुई। आरोपियों से तीन मोबाइल फोन, एक केटा कार, एक काली थार, टोयोटा फॉर्च्यूनर, एक पल्सर मोटरसाइकिल और गहने भी जब्त हुए हैं।
पांचवां मामला सदर थाना इलाके में 82 साल की बुजुर्ग महिला पर हमले का है। पुलिस के मुताबिक 16 अक्टूबर 2026 को रात करीब 9.30 बजे कामठी रोड पर गड्डीगोदाम में एलेक्स मैकेनिकल वर्क्स के पास रहने वाली हिल्डा अलेक्जेंडर एंथनी घर में थीं। करीब 25 से 30 साल का एक अज्ञात आदमी आया और घंटी बजाई। महिला ने दरवाजा खोला तो उसने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था और कथित तौर पर लकड़ी के डंडे से उनके सिर पर वार कर दिया। चिल्लाने पर ऊपर रहने वाले परिवार के लोग दौड़े आए और आरोपी भाग गया। घायल महिला को किंग्सवे अस्पताल ले जाया गया।
क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 2 ने तकनीकी जांच के जरिए क्लेमेंट उर्फ रोहित यूजीन पिल्ले, उम्र 35 साल, निवासी किराड लेआउट, मानकापुर, को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में उसने हमले में अपना हाथ होना कबूल किया। आगे की पूछताछ में सदर इलाके की चोरी, मानकापुर की घरफोड़ी और गिट्टीखदान की जबरन चोरी व छेड़छाड़ समेत कुल पांच मामलों की जानकारी मिली। उसे आगे की कार्रवाई के लिए सदर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पुलिस आयुक्तालय के मुताबिक इन पांचों मामलों की जांच अलग-अलग थानों और क्राइम ब्रांच की टीमों ने की, जिसमें तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, गोपनीय सूचना और दूसरे राज्यों की पुलिस से तालमेल का सहारा लिया गया। आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम फैसला कोर्ट में सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। पुलिस ने बताया है कि सभी मामलों में आगे की जांच जारी है।
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