सीडीएस से सेना में अफसर बनना है तो जानिए IMA और OTA में क्या फर्क है
UPSC की सीडीएस परीक्षा से चुने गए उम्मीदवार IMA देहरादून या OTA चेन्नई में ट्रेनिंग लेते हैं। दोनों में ट्रेनिंग की अवधि और कमीशन का फर्क है।
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संघ लोक सेवा आयोग की सीडीएस परीक्षा भारतीय सेना में अफसर बनने का एक बड़ा रास्ता है। इस परीक्षा से चुने गए उम्मीदवारों को अलग-अलग ट्रेनिंग संस्थानों में भेजा जाता है। इनमें इंडियन मिलिट्री अकॅडमी, देहरादून और ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकॅडमी, चेन्नई सबसे अहम हैं। दोनों का मकसद उम्मीदवार को एक काबिल फौजी अफसर बनाना है, लेकिन दाखिले, ट्रेनिंग की अवधि, कमीशन और करियर के लिहाज से इनमें कुछ अहम फर्क हैं।
सीडीएस की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को IMA और OTA को सिर्फ दो ट्रेनिंग सेंटर की तरह नहीं देखना चाहिए। ये दो अलग-अलग करियर के रास्ते हैं, और इसी नजर से इन्हें समझना चाहिए।
पहले IMA की बात करें। इंडियन मिलिट्री अकॅडमी, देहरादून भारतीय सेना के उन अफसरों को ट्रेन करने वाली मुख्य अकॅडमी है, जिन्हें पर्मनंट कमीशन मिलता है। सीडीएस के जरिए IMA में दाखिला पाने वालों की ट्रेनिंग करीब 18 महीने की होती है। ट्रेनिंग पूरी होने पर कैडेट्स को भारतीय सेना में अफसर के तौर पर कमीशन मिलता है।
IMA की ट्रेनिंग में शारीरिक क्षमता, फौजी रणनीति, हथियारों के इस्तेमाल, लीडरशिप, अनुशासन और जंग जैसे हालात में फैसला लेने की काबिलियत पर खास जोर रहता है। यहां ट्रेनिंग का मकसद उम्मीदवार को लंबे फौजी करियर के लिए तैयार करना होता है। सीडीएस से IMA में अर्जी देने के लिए आम तौर पर अविवाहित पुरुष उम्मीदवार पात्र होते हैं। इसके अलावा उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी की डिग्री होनी चाहिए।
अब OTA की बात। ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकॅडमी, चेन्नई मुख्य रूप से शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए अफसरों को ट्रेन करती है। सीडीएस से OTA में चुने गए उम्मीदवारों की ट्रेनिंग करीब 49 हफ्तों की होती है। OTA की ट्रेनिंग भी बेहद सख्त होती है। यहां कैडेट्स को फौजी अनुशासन, लीडरशिप, शारीरिक फिटनेस, हथियार चलाने और फील्ड क्राफ्ट जैसी स्किल्स सिखाई जाती हैं।
सीडीएस के जरिए OTA में दाखिले का एक बड़ा फर्क यह है कि महिला उम्मीदवारों के लिए सीडीएस से OTA ही मुख्य विकल्प है।
करियर के नजरिए से देखें तो IMA और OTA का सबसे अहम फर्क कमीशन की किस्म का है। IMA से पासआउट हुए अफसर पर्मनंट कमीशन के तहत सेना में लंबा करियर बना सकते हैं। वहीं OTA से ट्रेन हुए अफसर शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत अपनी सर्विस शुरू करते हैं। SSC की अवधि और आगे पर्मनंट कमीशन के मौके वक्त-वक्त पर लागू नियमों और संबंधित ब्रांच की पात्रता पर निर्भर करते हैं।