मस्क का आरोप: यूक्रेनी सेना ने स्टारलिंक से ड्रोन हमले किए, सेवा पर लगी पाबंदी
एलन मस्क ने यूक्रेनी सेना पर स्टारलिंक की सेवा शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ड्रोन मिशन में इस्तेमाल हो रही तकनीकी खामी पिछले हफ्ते ठीक कर दी गई।
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अरबपति कारोबारी और स्पेसएक्स (SpaceX) के प्रमुख एलन मस्क ने यूक्रेन की सेना पर स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के गंभीर गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में मस्क ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने स्टारलिंक की आधिकारिक सेवा शर्तों को सीधे तोड़ा है। उनके मुताबिक इस सिविल संचार प्रणाली का इस्तेमाल लोगों को मारने और आक्रामक ड्रोन हमले करने के लिए किया गया।
मस्क का कहना है कि स्टारलिंक असल में एक कमर्शियल और सिविल संपर्क प्रणाली है। किसी भी फौजी हमले में उसे सीधे हथियार की तरह इस्तेमाल करना उनके नियमों में फिट नहीं बैठता।
मस्क ने आगे बताया कि जिस तकनीकी लूपहोल (Loophole) के जरिए यूक्रेनी सेना ड्रोन मिशन के लिए स्टारलिंक चला रही थी, उस खामी को पिछले हफ्ते ठीक कर दिया गया है। इसी वजह से स्टारलिंक की स्पीड और कनेक्टिविटी पर कुछ बंदिशें आ गई थीं। मस्क ने साफ शब्दों में कहा, "स्टारलिंक को इंसानों के बीच संवाद आसान करने के लिए बनाया गया था, इंसानी जान लेने के लिए नहीं।" इस कार्रवाई के बाद अमेरिका, स्पेसएक्स और यूक्रेनी प्रशासन के रिश्तों में एक बार फिर बड़ा तनाव दिख रहा है।
अब थोड़ा पीछे चलें। फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर पूरी ताकत से हमला किया, तो यूक्रेन की पुरानी संचार व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई थी। ऐसे मुश्किल वक्त में एलन मस्क का स्टारलिंक सैटेलाइट नेटवर्क यूक्रेन के लिए देवदूत जैसा साबित हुआ। रूसी सेना के लिए स्टारलिंक के सिग्नल जाम करना या उसे सीधे नष्ट करना मुमकिन नहीं था, इसलिए यूक्रेनी सेना के लिए यह नेटवर्क एक मजबूत कवच बन गया। जंग के मैदान में सैनिकों के बीच संपर्क रखने, लॉजिस्टिक्स संभालने और मोर्चे की हलचल पर नजर रखने के लिए स्टारलिंक बेहद अहम साधन रहा है।
कमर्शियल स्टारलिंक के अलावा यूक्रेनी सेना अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले स्टारशील्ड (Starshield) नाम के खास फौजी सैटेलाइट सिस्टम पर भी बड़े पैमाने पर निर्भर है। दोनों प्रणालियों का फर्क समझाते हुए मस्क ने कहा कि स्टारशील्ड पूरी तरह अमेरिकी सरकार के दायरे में आता है और उसका इस्तेमाल कैसे हो, यह फैसला अमेरिकी प्रशासन का है। लेकिन कमर्शियल स्टारलिंक का आक्रामक कार्रवाइयों के लिए गलत इस्तेमाल उन्हें मंजूर नहीं है।
पिछले कुछ दिनों में स्टारलिंक और स्टारशील्ड की स्पीड पर लगी बंदिशों से यूक्रेन के फ्रंटलाइन पर चल रहे अभियानों में बड़ी रुकावट आई थी। खबरें सामने आईं कि स्पीड घटने से यूक्रेनी सेना को रूसी ड्रोन गिराने और हवाई हमलों का जवाब देने के मिशन रद्द करने पड़े। इतना ही नहीं, रूसी मिसाइल हमलों को लेकर दोस्त देशों से मिलने वाली पूर्व चेतावनियों में भी कुछ वक्त तक खलल पड़ा।
हालात की गंभीरता देखकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने फौरन दखल दिया और ऐलान किया कि स्टारलिंक और स्टारशील्ड की सेवाएं बहाल हो गई हैं। ज़ेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए जरूरी पुरानी रफ्तार के साथ नेटवर्क दोबारा चालू हो गया है और फ्रंटलाइन पर संचार अब स्थिर है। मस्क का दावा रहा है कि अगर यह सैटेलाइट नेटवर्क पूरी तरह बंद हो जाए, तो यूक्रेन की पूरी फ्रंटलाइन चंद घंटों में ढह जाएगी।
स्टारलिंक के इस्तेमाल से उठा यह विवाद सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं रहा, उसमें अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति का पहलू भी जुड़ गया है। मस्क के आरोपों के बाद अमेरिकी सियासी हलकों और व्हाइट हाउस में भी चर्चा तेज हो गई है। एक प्राइवेट टेक्नोलॉजी कंपनी के हाथ में जंग की दिशा बदलने की ताकत होनी चाहिए या नहीं, इस पर अंतरराष्ट्रीय विचारक एक बार फिर सवाल उठा रहे हैं।
मस्क ने दावा किया कि स्पेसएक्स ने यूक्रेन की हिफाजत में दुनिया की किसी भी दूसरी प्राइवेट कंपनी से ज्यादा योगदान दिया है। साथ ही उन्होंने उन युद्धखोरों की कड़ी आलोचना की, जो शांति का कोई ठोस रास्ता खोजे बिना जंग भड़काते हैं। आने वाले दिनों में यूक्रेनी सेना स्टारलिंक पर अपनी निर्भरता कैसे संभालती है और मस्क की सेवा शर्तों का पालन कैसे पक्का किया जाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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