फ्रांस में पहली बार इंसान में मिला शामोंडा वायरस, अब तक सिर्फ जानवरों में था
फ्रांस के ल्योन शहर के अस्पताल में भर्ती एक गंभीर बीमार मरीज में शामोंडा वायरस मिला है। इंसान में इसका यह पहला आधिकारिक मामला है।
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कोरोना के कहर के बाद दुनिया भर में वायरस वॉर, इंसान के बनाए वायरस और कुदरती वायरस को लेकर काफी चर्चा होती रही है। नई संक्रामक बीमारियों को लेकर चिंता के बीच अब फ्रांस से एक और चौंकाने वाली खबर आई है। अब तक सिर्फ जानवरों में मिलने वाले शामोंडा (Shamonda) वायरस का इंसान में पहला आधिकारिक मामला फ्रांस में दर्ज हुआ है।
यह वायरस ल्योन शहर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज में मिला। मरीज पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। खास बात यह है कि अक्टूबर की शुरुआत में उस मरीज की मौत हो गई। मौत की वजह यह वायरस था या नहीं, इसकी जांच अभी चल रही है। इस घटना के बाद मेडिकल और सेहत की दुनिया की नजर फ्रांस पर टिक गई है।
शामोंडा वायरस की पहचान सबसे पहले 1965 में नाइजीरिया में मवेशियों में हुई थी। उसके बाद अफ्रीका और जापान के कुछ हिस्सों में भी इसका रिकॉर्ड मिला। यह वायरस ज्यादातर गाय, भेड़, बकरी और घोड़े जैसे जानवरों में पाया जाता है। इसी वजह से अब तक इसे इंसानों के लिए संक्रामक नहीं माना जाता था। साल 2026 में यूरोप में भी जानवरों के बीच इस वायरस के फैलने की बात सामने आई है।
ल्योन के अस्पताल में भर्ती मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर थी। गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान उसमें न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग और नसों से जुड़ी दिक्कतें दिखाई दीं। इसके बाद हुई मेडिकल जांच में शामोंडा वायरस की मौजूदगी का पता चला। अब इस बात की जांच हो रही है कि कहीं संक्रमण कीड़े के काटने से तो नहीं हुआ।
तो क्या आम लोगों को खतरा है? इस घटना के बाद फ्रांस के स्वास्थ्य विभाग ने हालात पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अभी तक मिली जानकारी के हिसाब से आम लोगों की सेहत को कोई खतरा नहीं पाया गया है। साथ ही, एक इंसान से दूसरे इंसान में इस वायरस के फैलने का भी कोई सबूत अब तक नहीं मिला है।
संक्रमण आखिर कैसे हुआ और इंसान के शरीर पर इसका क्या असर पड़ सकता है, इसकी पढ़ाई जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
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