मालेगांव के टीपू वाली आजादी नारे पर वडेट्टीवार बोले, क्या टीपू सुल्तान देशद्रोही था
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए मालेगांव के नारों पर प्रतिक्रिया दी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने मालेगांव के एक विरोध प्रदर्शन में लगे 'हमें चाहिए आजादी, टीपू वाली आजादी' जैसे नारों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई आंदोलन के दौरान किसी का फोटो लगाता है, तो उसे राष्ट्रद्रोही नहीं होना चाहिए।
मामला नासिक जिले के मालेगांव का है। वहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें प्रदर्शनकारी टीपू सुल्तान की तस्वीर हाथ में लिए खड़े थे और 'हमें चाहिए आजादी, टीपू वाली आजादी' के नारे लगा रहे थे।
नागपुर में मीडिया से बात करते हुए वडेट्टीवार ने सवाल किया कि क्या टीपू सुल्तान देशद्रोही था। उनका कहना था कि टीपू सुल्तान का इतिहास गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी सबको अपने-अपने हिसाब से चाहिए, लेकिन देश में इस समय जैसा माहौल है, उसे देखकर अगर कोई आजादी की मांग करता है तो सवाल उठता है कि क्या हम आज लोकतंत्र में हैं और क्या हम संविधान को मानते हैं।
वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि टीपू सुल्तान के बारे में क्या बोला गया है, यह उन्हें पता नहीं है। लेकिन उनके मुताबिक अगर कोई आंदोलन करता है या किसी का फोटो लगाता है, तो उसे राष्ट्रद्रोही नहीं होना चाहिए और न ही नक्सली। उन्होंने कहा कि इतिहास पढ़ेंगे तो सबको पता चल जाता है।
परिसीमन के नए प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पर वडेट्टीवार ने कहा कि मोदी सरकार का मनमाना कार्यभार चल रहा है, तो विरोधी भी कम नहीं हैं। उनके मुताबिक भाजपा को पूर्ण बहुमत भी नहीं मिला था और सरकार दूसरी पार्टियों के समर्थन से बनी। उन्होंने कहा कि विपक्ष भी उतना ही मजबूत है, इसलिए विपक्ष और सत्ता पक्ष मिलकर कोई फैसला लें तो बात करके आगे बढ़ना चाहिए।
वडेट्टीवार ने बताया कि खड़गे ने अपने पत्र में एसआईआर की खामियों पर चर्चा की मांग भी की थी। उन्होंने कहा कि सरकार डरती क्यों है, क्योंकि सरकार ने गलत किया है।
दिल्ली में तिरंगा रैली से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके और अन्य पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया। इस पर वडेट्टीवार ने कहा कि आंदोलनकर्ताओं को दबाया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि सरकार आंदोलन से क्यों डरती है, क्या यह डर है कि देश का युवा एक साथ सड़क पर आएगा और सरकार की कुर्सी को धक्का देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार जितना दबाएगी, आंदोलन उतना बढ़ता जाएगा। वडेट्टीवार के मुताबिक लोगों को गिरफ्तार करने और पीटने पर सरकार को लोगों का आक्रोश भी देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की लाठियों से बच्चे डरेंगे नहीं और सरकार को यह समझ लेना चाहिए।