मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:40 IST

संजय दत्त के शांति वाले बयान पर पटोले और वडेट्टीवार ने भाजपा सरकारों को निशाने पर लिया

अभिनेता संजय दत्त के बयान पर महाराष्ट्र में सियासत गरम है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकारों पर आरोप लगाए, जबकि दत्त ने एक्स पर सफाई दी है।

संजय दत्त के शांति वाले बयान पर पटोले और वडेट्टीवार ने भाजपा सरकारों को निशाने पर लिया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अभिनेता संजय दत्त के "भारत में अब शांति महसूस नहीं होती" वाले बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के दो बड़े नेताओं, नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार, ने इस बयान का समर्थन किया और केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाए।

नागपुर में मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने कहा कि संजय दत्त ने जो कहा, वह देश और राज्यों की जमीनी हकीकत है। पटोले का आरोप है कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहां दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।

पटोले के मुताबिक संजय दत्त ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों को देश के हालात से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसका तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। पटोले ने यह भी कहा कि अगर देश में लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम इंसान को भी बोलने का अधिकार है, क्योंकि सरकारें जनता के वोटों से बनती हैं। उनका कहना था कि सरकार चुनाव की प्रक्रिया से आई है, इसलिए उसे संज्ञान लेना चाहिए और देश व राज्यों में जो गुंडाइज़्म बढ़ गया है, उसे रोकना चाहिए। इसी बात पर उन्होंने मोदी सरकार पर तंज भी कसा।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। नागपुर में उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश में सामाजिक शांति भंग हो चुकी है। वडेट्टीवार का आरोप है कि सत्ता में आने के लिए विकास के नाम पर वोट मांगे गए, लेकिन सरकार चलाने के लिए धर्म का सहारा लिया जा रहा है।

वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाकर विकास के असल मुद्दों को किनारे कर दिया गया है। उनके मुताबिक यही इस सरकार का सीधा रास्ता बन चुका है और इससे देश में लगातार अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा रहा है।

अब बात संजय दत्त के बयान की। गांधी जयंती के मौके पर वे शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टुनाइट' में आए थे। बातचीत के दौरान दत्त ने कहा कि भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमान-नवाज होते हैं और एक शांति होनी चाहिए, लेकिन वे अब भारत में उस शांति को महसूस नहीं कर सकते।

बयान पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई और विरोध भी बढ़ा। इसके बाद संजय दत्त ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट लिखकर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि वे साफ करना चाहते हैं कि उनका मकसद कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, नाराज करना या उनका अनादर करना नहीं था।

दत्त ने अपनी बात को स्क्रिप्टेड बताया। उन्होंने लिखा कि उनकी बातें एक पहले से तय बातचीत के दौरान कही गई थीं, जिसका मकसद हल्का-फुल्का और मजाकिया माहौल बनाना था। उनके मुताबिक इसके पीछे की भावना वैसी ही थी जैसा 'मुन्ना भाई' जैसी फिल्मों में मजाक और व्यंग्य देखने को मिलता है, खासकर 'गांधीगिरी' का कॉन्सेप्ट, जिसका मकसद प्यार, अपनापन, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था। दत्त ने अफसोस जताया कि उनकी बातों का मतलब उस संदर्भ से हटकर निकाला गया, जिसमें वे कही गई थीं।

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