महाबळेश्वर में उत्साह के साथ निकला RSS का पथसंचलन, शहरवासियों ने बरसाए फूल
विजयादशमी के मौके पर महाबळेश्वर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पथसंचलन निकाला।
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महाबलेश्वर शहर में पिछले कुछ सालों से विजयादशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की पहल पर पथसंचलन का आयोजन होता आ रहा है। इस साल भी यह कार्यक्रम हुआ। संघ के संचलन के लिए तालुका के अलग-अलग गांवों से स्वयंसेवक पेटीट पुस्तकालय मैदान में इकट्ठा हुए थे।
कार्यक्रम की शुरुआत 'संपत', 'स्वागत प्रणाम' और 'ध्वजारोहण' से हुई। इसके बाद पेटीट पुस्तकालय मैदान से पथसंचलन रवाना हुआ। इस दौरान सहघोष संचलन ने खास तौर पर सबका ध्यान खींचा।
संचलन नेताजी सुभाषचंद्र बोस चौक, महावितरण कार्यालय और रामगड परिसर से गुजरा। वहां से वह कोली आली और मरीपेठ होते हुए स्कूल मोहल्ला पहुंचा, फिर छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से मुख्य बाजार होता हुआ हॉली क्रॉस चर्च तक गया। आखिर में संचलन वापस पेटीट पुस्तकालय पहुंचा। संचलन के दौरान रास्ते में जगह-जगह शहरवासियों ने अपनी मर्जी से भगवा ध्वज और स्वयंसेवकों पर फूल बरसाए। यह नजारा बेहद मनमोहक था।
इस तरह शहर का यह ऐतिहासिक संचलन डॉ. अभय श्रीहरि देशपांडे समेत स्वयंसेवकों की मौजूदगी में पूरे अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। पांच साल के स्वयंसेवक से लेकर सत्तर साल के बुजुर्ग स्वयंसेवक तक पूरे गणवेश में इस पथसंचलन में शामिल हुए। कार्यक्रम में सांघिक पद, सुभाषित और अमृतवचन भी पेश किए गए।
इसके बाद संजय संकपाल गुरुजी ने मुख्य अतिथि और वक्ताओं का परिचय उपस्थित लोगों को कराया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद वरिष्ठ उद्योगपति संदेश उर्फ नंदू सेठ रानडे ने संघ की सेवा भावना और अनुशासन की दिल से तारीफ की।
समारोह के मुख्य वक्ता स्वयंसेवक अविनाश सुतार ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संघ के संस्थापक तथा पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार जिस काम की सोच रखते थे, उसे हर किसी से करने की अपील की। उन्होंने संघ की स्थापना के मकसद, उसके इतिहास और अब तक के सफर पर भी विस्तार से बात रखी।