नागपुर में दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर कड़ा पहरा, 3,500 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
दीक्षाभूमि, ड्रैगन पैलेस, संघ मुख्यालय और 64 रावण दहन स्थलों पर पुलिस का बंदोबस्त, सीसीटीवी के साथ एआई तकनीक भी।
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नागपुर में दशहरा, विजयादशमी और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा की बड़ी तैयारी की है। दीक्षाभूमि में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। कामठी के ड्रैगन पैलेस में भी अनुयायी आते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय परिसर में विजयादशमी का कार्यक्रम होता है और शहर के अलग-अलग हिस्सों में रावण दहन होता है। इन सबके लिए पुलिस ने सुरक्षा का पूरा खाका बनाया है।
इस बार पारंपरिक बंदोबस्त के साथ नई तकनीक भी इस्तेमाल हो रही है। सीसीटीवी कैमरे, एआई तकनीक, बीडीडीएस टीम, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन से निगरानी, क्राउड मैनेजमेंट, खुफिया विभाग और रिजर्व फोर्स की मदद से संवेदनशील जगहों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटिल अपनी टीम के साथ तैयारियों में लगे हैं। पुलिस चाहती है कि सभी कार्यक्रम शांति से हों और लोगों को सुरक्षित माहौल मिले।
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए करीब 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक और बाकी पुलिसकर्मी शामिल हैं। राज्य रिजर्व पुलिस बल, दंगा नियंत्रण पुलिस और विशेष प्रतिक्रिया दल भी इसका हिस्सा होंगे। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त फोर्स तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। कुछ जगहों पर वर्दी वाले पुलिसवालों के साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी रहेंगे, जो भीड़ में संदिग्ध हरकत पर नजर रखेंगे।
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को परखने में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उम्मीद है कि इससे भीड़ वाले इलाकों में संदिग्ध गतिविधि पहचानने में पुलिस को मदद मिलेगी। बाजारों, मुख्य रास्तों और प्रवेश द्वारों पर हर आदमी पर सीधे नजर रखना पुलिस के लिए मुश्किल होता है। हालांकि किसी भी गतिविधि की पुष्टि के लिए पुलिस की जांच और इंसानी निगरानी ही अहम रहेगी।
दीक्षाभूमि के लिए अलग सुरक्षा योजना बनी है। यहां महाराष्ट्र, दूसरे राज्यों और विदेशों से भी अनुयायी आते हैं। प्रवेश और निकास के रास्तों, कतारों, भीड़ की आवाजाही और ट्रैफिक पर खास ध्यान रहेगा। लक्ष्मीनगर चौक, बजाज नगर चौक, काचीपुरा और माता कचेरी चौक पर पुलिस की विशेष नजर होगी। परिसर में दो पुलिस उपायुक्त, एक सहायक पुलिस आयुक्त, 20 पुलिस निरीक्षक और 40 उपनिरीक्षक समेत कुल 71 अधिकारी और करीब 600 पुलिसकर्मी तैनात करने का प्रावधान है। रिजर्व फोर्स और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी रहेंगे।
कामठी के ड्रैगन पैलेस क्षेत्र में करीब 450 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात होंगे। यहां भीड़, गाड़ियों की आवाजाही, पार्किंग और प्रवेश मार्गों पर निगरानी रहेगी। संविधान चौक और नागलोक इलाके में भी पुलिस बल लगाया जाएगा। एक ही समय पर कई जगह कार्यक्रम होने से पुलिस के सामने चुनौती है कि कहीं कमी न रहे, इसलिए अलग-अलग जगह के अधिकारियों में तालमेल जरूरी होगा।
संवेदनशील जगहों पर जांच में बीडीडीएस यानी बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड की भूमिका रहेगी, और डॉग स्क्वॉड से भी संदिग्ध चीजें जांची जा सकती हैं। ड्रोन से निगरानी अनुमति और सुरक्षा नियमों के हिसाब से होगी। खुफिया विभाग संभावित संवेदनशील गतिविधियों की सूचनाओं पर नजर रखेगा। लावारिस बैग या असामान्य गतिविधि की खबर मिलने पर संबंधित टीम जांच करेगी।
क्राउड मैनेजमेंट सुरक्षा योजना का अहम हिस्सा है। जहां भीड़ का दबाव ज्यादा होगा, उन जगहों की पहचान की जाएगी और जरूरत पड़ने पर रास्ते बदले जाएंगे। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने और एंबुलेंस के लिए रास्ता खुला रखने की भी तैयारी है। पुलिस का प्रयास है कि बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को जरूरी मदद मिले।
संघ के मुख्यालय क्षेत्र में होने वाले विजयादशमी कार्यक्रम और पथसंचलन को देखते हुए आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक का इंतजाम और संवेदनशील जगहों पर निगरानी रहेगी।
शहर में विजयादशमी पर कुल 64 जगहों पर रावण दहन होगा, जिनमें वाड़ी और पारडी के चार-चार स्थल शामिल हैं। कस्तूरचंद पार्क, तिरंगा चौक, नंदनवन, दर्शन कॉलोनी, राजाबाक्षा, चोपड़े लॉन, मनीष नगर, मानेवाड़ा और रेशमबाग जैसे इलाकों में भी कार्यक्रम होंगे। इसके साथ 835 सार्वजनिक दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और 90 जगहों पर घट विसर्जन के लिए पुलिस बंदोबस्त की योजना है।
ट्रैफिक पुलिस को भी खास जिम्मेदारी दी गई है। जहां जरूरी होगा, वहां गाड़ियों की आवाजाही में अस्थायी बदलाव हो सकते हैं। लोगों से अपील है कि पुलिस के निर्देश मानें, कार्यक्रम स्थलों के आसपास बेवजह गाड़ी खड़ी न करें और घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की जानकारी ले लें, ताकि जाम से बचा जा सके।
पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी संदिग्ध चीज या गतिविधि की खबर तुरंत पुलिस को देने को कहा है। लावारिस बैग या संदिग्ध सामान दिखे तो खुद जांचने की कोशिश न करें, नजदीकी पुलिसकर्मी या पुलिस कंट्रोल रूम को बताएं। भीड़ में धैर्य रखें और तैनात पुलिसकर्मियों की बात मानें।