नागपुर में हजारों स्वयंसेवकों का पथ संचलन, 9 स्थानों पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने किया अवलोकन
शताब्दी वर्ष के समापन की पृष्ठभूमि में रविवार को नागपुर में नौ समूहों में पथ संचलन हुआ। मुख्य विजयादशमी उत्सव 20 अक्टूबर को रेशिमबाग मैदान में होगा।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के समापन की पृष्ठभूमि में रविवार को नागपुर में हजारों स्वयंसेवकों ने नौ समूहों में पथ संचलन किया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ यह संचलन निकला और सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बाबा बुद्धाजीनगर में संचलन का अवलोकन किया।
इस साल आयोजन की रूपरेखा बदली गई। नागपुर महानगर के 12 भागों को नौ समूहों में बांटा गया और अलग-अलग जगहों पर एक साथ पथ संचलन हुआ। संघ की परंपरा के मुताबिक विजयादशमी के मौके पर पथ संचलन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष मुख्य उत्सव से पहले कई जगहों पर एक ही वक्त में संचलन रखा गया।
स्वयंसेवकों ने कच्छी विसा मैदान, चिटणीस पार्क, एकतानगर कॉलोनी मैदान, मरारटोली मैदान, अत्रे लेआउट, कॉलेज परिसर, पुष्प लॉन और भारतीय विद्या भवन समेत कई जगहों से संचलन शुरू किया। गणवेश में निकले हजारों युवा स्वयंसेवक अनुशासन के साथ कदमताल करते दिखाई दिए। तय रास्तों से गुजरने के बाद सारे समूह अपनी-अपनी शुरुआती जगह पर लौट आए।
अब सबकी नजर संघ के मुख्य विजयादशमी उत्सव पर है। यह उत्सव मंगलवार, 20 अक्टूबर को सुबह 7.40 बजे रेशिमबाग मैदान में होगा। कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का उद्बोधन होगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संपादक संजय गुप्ता प्रमुख अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। आमंत्रित अतिथियों में पूर्व राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवा का भी जिक्र है। धनखड़ रविवार शाम को नागपुर पहुंचे।
कुल मिलाकर, शताब्दी वर्ष के समापन की पृष्ठभूमि में रविवार को हुआ यह संचलन शहर में संघ के कार्यक्रमों का हिस्सा रहा। नौ समूहों में बंटे हजारों स्वयंसेवकों ने अपने-अपने तय मार्ग पर संचलन पूरा किया और अब सबको रेशिमबाग मैदान में होने वाले मुख्य उत्सव का इंतजार है।