लाडकी बहीण: सितंबर की किस्त के लिए 344.62 करोड़ रुपये महिला व बाल विकास विभाग को भेजे गए
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मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की सितंबर की किस्त के लिए निधि बांटने का काम तेज हो गया है और रकम जल्द खातों में पहुंचने की पूरी संभावना है।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की सितंबर महीने की किस्त को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। इस योजना में पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। सितंबर की किस्त खाते में कब आएगी, इस पर सभी महिलाओं की नजर टिकी हुई थी। अब इस बारे में बड़ी अपडेट आई है।
सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग ने सितंबर की किस्त बांटने के लिए 344.62 करोड़ रुपये की निधि महिला और बाल विकास विभाग के पास भेज दी है। यह निधि महिला और बाल विकास विभाग के पास जमा होने के बाद पात्र लाभार्थी महिलाओं के खातों में 1500 रुपये की रकम चरणों में डाली जाने लगेगी। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में यह पूरा काम निपट जाएगा और महिलाओं को किस्त मिल जाएगी।
सरकार की तरफ से निधि बांटने की प्रक्रिया अब तेजी से चल रही है। इसलिए उम्मीद यही है कि यह रकम जल्द ही महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच जाएगी। सितंबर की किस्त का पैसा सरकार की तरफ से भेजा जा चुका है, इसलिए किसी भी वक्त यह लाडकी बहनों के बैंक खातों में सीधे जमा हो सकता है।
यह योजना जुलाई 2024 में महायुति सरकार ने शुरू की थी। शुरुआत में इसमें करीब 2 करोड़ 47 लाख महिला लाभार्थी दर्ज हुई थीं। बाद में राज्य सरकार ने पारदर्शिता लाने और नियमों पर अमल करवाने के लिए ई-केवायसी की प्रक्रिया जरूरी कर दी।
इस जांच अभियान के दौरान कई महिलाओं ने ई-केवायसी पूरी नहीं की। कुछ महिलाओं की उम्र 65 साल पूरी हो गई, इसलिए उनके नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए गए। जिन महिलाओं के परिवार की सालाना आमदनी ढाई लाख रुपये से ज्यादा है, जिनके नाम पर चारपहिया गाड़ी है या जो नौकरी कर रही हैं, उन्हें भी योजना से बाहर किया गया है।
इन अलग-अलग वजहों से अब योजना की पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर 1 करोड़ 66 लाख रह गई है। इससे सरकार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कुछ हद तक कम हुआ है।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना पर विपक्ष ने कई बार शंका जताई थी। इसके बावजूद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए शिंदे ने महिलाओं को पक्का भरोसा दिया था कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी। सरकार की ओर से भी साफ किया गया है कि महिलाओं के सशक्तीकरण और आर्थिक आजादी के लिए यह योजना लगातार चलती रहेगी।
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