आंगनवाड़ी सेविकाओं और मददगारों को दिवाली से पहले मिलेगी दो-दो हज़ार की भाऊबीज भेंट
राज्य सरकार दिवाली से पहले आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के बैंक खातों में भाऊबीज भेंट के दो-दो हज़ार रुपये जमा करेगी।
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महाराष्ट्र की आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से राहत की खबर आई है। आने वाली दिवाली के मौके पर राज्य शासन हर सेविका और सहायिका को 'भाऊबीज भेंट' के तौर पर दो-दो हज़ार रुपये की मदद देगा। महिला व बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने इसकी घोषणा की है।
यह रकम सीधे संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी, और वह भी दिवाली से पहले। यानी त्योहार की खरीदारी के वक्त यह पैसा उनके हाथ में रहेगा।
महाराष्ट्र शासन की एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत पूरे राज्य में आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं काम करती हैं। सरकार के अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक राज्य में इस समय 1 लाख 8 हज़ार 627 आंगनवाड़ी सेविकाएं और 1 लाख 5 हज़ार 470 आंगनवाड़ी सहायिकाएं कार्यरत हैं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 2 लाख 14 हज़ार 97 पद कार्यरत हैं, और इन सभी को भाऊबीज भेंट का सीधा फायदा मिलेगा।
इस पूरी योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने 42 करोड़ 81 लाख 94 हज़ार रुपये का निधि मंज़ूर करके उपलब्ध करा दिया है। इस तरह सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को संभालते हुए महिला कर्मचारियों की त्योहार की खुशी को प्राथमिकता दी गई है।
इस फैसले पर बोलते हुए मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि राज्य की गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों की सेहत और पोषण की ज़िम्मेदारी आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं पूरी ईमानदारी से निभाती हैं। समाज के इन तबकों की सेवा में दिन-रात मेहनत करने वाली इन महिलाओं की दिवाली मीठी हो और त्योहार के लिए उन्हें कुछ आर्थिक सहारा मिले, यही इस फैसले का मुख्य मकसद है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के मार्गदर्शन में लिया गया है। इससे राज्य की सभी सेविकाओं और सहायिकाओं में खुशी का माहौल है। दिवाली से पहले रकम खाते में आ जाने से महिलाओं को खरीदारी के लिए बड़ी राहत मिली है।