गोंदिया के 50 लोग एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिन समारोह में होंगे शामिल
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पहले नक्सल प्रभावित रहे गोंदिया जिले के 50 नागरिकों को 31 अक्टूबर के समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर गुजरात बुलाया गया है।
गोंदिया जिले के 50 नागरिक 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर, केवडिया में होने वाले राष्ट्रीय एकता दिन समारोह में हिस्सा लेंगे। यह समारोह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास होगा। नक्सलवाद के साये से निकलकर विकास की तरफ बढ़ रहे गोंदिया जिले के लिए यह राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान का मौका बताया जा रहा है।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर 2026 को एकता नगर, केवडिया में यह समारोह रखा गया है। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का संदेश देने वाले इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार की एक खास पहल के तहत पहले नक्सल प्रभावित रहे जिलों के लोगों को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया है।
इस पहल में महाराष्ट्र के गोंदिया, गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिलों से 50-50 नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल गुजरात बुलाया गया है। गोंदिया से जाने वाले 50 लोग जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों के हैं। इस दौरे की योजना गोंदिया के पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के मार्गदर्शन में बनी है और इसका समन्वय अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे ने किया है।
दौरा दो चरणों में हो रहा है। पहले चरण में 27 अक्टूबर 2026 को नक्सल सेल, गोंदिया के पुलिस निरीक्षक प्रमोद भातनाते के साथ 3 नागरिकों को एकता नगर भेजा गया। इन लोगों का दो दिन का गुजरात दर्शन कार्यक्रम चल रहा है।
इसके बाद 29 अक्टूबर 2026 को बाकी 47 नागरिक पुलिस उपनिरीक्षक श्रीकांत हत्तीमारे और दीपक तरवडे के साथ रवाना हुए। गोंदिया के उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर इस जत्थे को रवाना किया। इस तरह कुल 50 नागरिक समारोह में शामिल होंगे।
गोंदिया जिला एक समय नक्सलवाद के असर से डर, असुरक्षा और विकास में रुकावटों का सामना करता रहा। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के सुरक्षा, विकास और पुनर्वास से जुड़े उपायों से जिले में सकारात्मक बदलाव आया है। बेहद दुर्गम और आदिवासी बहुल इलाकों में सड़क, मोबाइल नेटवर्क, बिजली, पानी, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं पहुंची हैं। इससे लोगों का सरकार से जुड़ाव मजबूत हुआ है।
इस बदलाव में गोंदिया जिला पुलिस की 'पुलिस दादालोरा खिड़की' नाम की कम्युनिटी पोलिसिंग पहल की अहम भूमिका बताई गई है। इसके जरिये लोगों को सरकारी योजनाओं, रोजगार और स्वरोजगार के मौकों, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस और नागरिकों के बीच भरोसा बढ़ाना, युवाओं को विकास की मुख्य धारा में लाना और समाज को नक्सलवाद के असर से दूर रखना इन पहलों का मकसद है।
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2026 को देश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूरा होने की घोषणा की गई। इसी पृष्ठभूमि में पहले नक्सल प्रभावित रहे जिलों के लोगों को विशेष अतिथि बनाकर बुलाना शांति, लोगों की भागीदारी और विकास के सफर का सम्मान माना जा रहा है।
गोंदिया के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल के लिए केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, संबंधित एजेंसियों और पुलिस का आभार जताया है। पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे ने प्रतिक्रिया में कहा कि नक्सलमुक्त गोंदिया, सुरक्षित गोंदिया और विकसित गोंदिया की सोच को ताकत देते हुए जिले में शांति, भरोसे और विकास की राह को और मजबूत करने के लिए गोंदिया जिला पुलिस दल प्रतिबद्ध है।
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