मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
10:13 IST

बीड में तीन जगह दशहरा मेले, नागपुर में संघ का विजयादशमी उत्सव

बीड जिले में पंकजा मुंडे, मनोज जरांगे पाटील और सुरेश धस के दशहरा मेले आज हो रहे हैं। नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव भी है।

बीड में तीन जगह दशहरा मेले, नागपुर में संघ का विजयादशमी उत्सव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मराठवाड़ा पर सूखे की गहरी छाया है। इसी माहौल में आज बीड जिले में तीन जगह दशहरा मेले हो रहे हैं और सबकी नजर इस पर है कि इन मेलों में नेता क्या भावनात्मक अपील करते हैं और क्या संदेश देते हैं। स्रोत के मुताबिक पिछले तीन से चार साल में बीड का सामाजिक ताना-बाना बिखेरने की कोशिश हुई, लेकिन कई लोग इस राजनीतिक होड़ का शिकार नहीं हुए और उन्होंने आपसी भाईचारा बनाए रखने का काम किया।

सावरगांव घाट के भगवान भक्तिगढ़ पर बीजेपी नेता और मंत्री पंकजा मुंडे का मेला है। नारायणगढ़ पर मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे पाटील का मेला है। आष्टी तालुका के मच्छिंद्रनाथ गढ़ पर बीजेपी विधायक सुरेश धस का मेला है।

जरांगे पाटील का पारंपरिक दशहरा मेला हर साल की तरह इस बार भी बीड के श्री क्षेत्र नारायण गढ़ पर सैकड़ों एकड़ में होगा। तैयारी आखिरी दौर में है। गढ़ के चारों तरफ पार्किंग का इंतजाम किया गया है। लाखों लोगों के रहने, खाने और पानी की व्यवस्था भी की गई है। स्टेज और साउंड सिस्टम समेत बाकी इंतजाम हो चुके हैं। मेला आज सुबह 11 बजे शुरू होगा।

मेले से पहले जरांगे ने सरकार पर निशाना साधा था। पिछले हफ्ते सोमठाणा गढ़ पर रेणुका माता के दर्शन के बाद उन्होंने सूखे से जूझ रहे किसानों के हालात पर यह बात कही। जरांगे ने कहा कि सूखे से झुलसे किसानों को हेक्टेयर पीछे एक लाख रुपये का अनुदान चाहिए, जबकि सरकार पांच हजार रुपये दे रही है और यह किसानों के जख्म पर पट्टी बांधने की कोशिश है। उनका आरोप है कि दिवाली से पहले पांच हजार रुपये की मदद देकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। जरांगे के मुताबिक सरकार आंदोलन और मोर्चों से किसानों का ध्यान हटाने के लिए यह दांव खेल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीति किसानों के हित में नहीं है और पांच हजार रुपये के लिए किसानों को बैंकों की कतार में खड़ा होना पड़ रहा है, जो भी किसानों का मजाक है।

पंकजा मुंडे का दशहरा मेला पाटोदा तालुका के सावरगांव घाट में भगवान भक्ति गढ़ पर हर साल की तरह हो रहा है। जानकारी के मुताबिक मेले में मंत्री पंकजा मुंडे के साथ विधायक धनंजय मुंडे, मंत्री मेघना बोर्डीकर, महादेव जानकर, सुजय विखे, पूर्व सांसद प्रीतम मुंडे और दूसरे नेता मौजूद रहेंगे। आयोजकों ने बताया कि तैयारी आखिरी दौर में है और बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। तीन जगह हेलिपैड बने हैं और पुलिस का बड़ा बंदोबस्त सावरगांव घाट पहुंच चुका है।

मेले से पहले पंकजा मुंडे ने कहा कि उन्होंने यहां गोपीनाथ गढ़ बनाया है, जहां मुंडे साहब की समाधि है और तुलजाभवानी, रेणुकामाता, महालक्ष्मी जैसी देवियों के मंदिर हैं। नवरात्रि में आसपास के भक्त यहां आते हैं और हर अष्टमी व नवमी को होम-हवन होता है। उन्होंने बताया कि आज सुबह कन्यापूजन किया और बच्चियों ने सुंदर स्तोत्र पेश किया, जिससे वे भावुक हो गईं। पंकजा मुंडे ने कहा कि जब तक वे वहां जाती नहीं, तब तक कुछ बता नहीं सकतीं, और जो सूझता है वह वहां पहुंचकर सूझता है। उनके मुताबिक यह मेला उनका नहीं, लोगों का है, भगवान बाबा का आशीर्वाद है। आंगनवाड़ी सेविकाओं को भाई दूज दी जाती है, जो एक प्रतीकात्मक रकम है। केंद्र और राज्य की मदद उनके लिए दिलासा है। मुंडे ने कहा कि यह अंतिम रकम नहीं है।

आष्टी तालुका के श्रीक्षेत्र मच्छिंद्रनाथ गढ़ पर हर साल की तरह विजयादशमी के मौके पर विधायक सुरेश धस का मेला होगा। यह इस मेले का अठारहवां साल है और कई संत-महंतों की मौजूदगी में यह धार्मिक आयोजन होगा। धस ने नाथभक्तों और श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में आने की अपील की है।

उधर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव शस्त्रपूजन से शुरू होगा। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत क्या बोलेंगे, इस पर सबकी नजर है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और इजराइल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। संघ के शताब्दी वर्ष पर हो रहे इस समारोह में दैनिक जागरण के मुख्य संपादक संजय गुप्ता मुख्य अतिथि होंगे। संघ की स्थापना को इस साल 100 साल पूरे हो रहे हैं। देश के छात्र आंदोलनों और राज्य की सूखे जैसी स्थिति समेत कई अहम मुद्दों पर भागवत क्या कहते हैं, इस पर खास नजर रहेगी।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे