बीड में शादी के नाम पर ठगी: 15 साल की लड़की का फर्जी आधार बनाकर ब्याह रचाया
गेवराई के एक युवक से शादी जमाने के नाम पर ढाई लाख रुपये लिए गए। जांच में दुल्हन नाबालिग निकली और उसके आधार कार्ड में उम्र बदली गई थी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठवाड़ा में लड़कों को शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रहीं। इस समस्या का फायदा उठाकर कुछ टोलियां पैसे ऐंठने में लगी हैं। बीड जिले के गेवराई तालुका से ऐसा ही एक गुस्सा दिलाने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी जमाने के बहाने एक युवक से ढाई लाख रुपये की ठगी हुई। सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय रैकेट काम कर रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक गेवराई के इस युवक की शादी के लिए जालना जिले के जाफ्राबाद के बिचौलियों से संपर्क किया गया था। 22 जून को बायोडाटा दिया गया। इसके बाद बिचौलियों ने लड़की का फोटो भेजा और जाफ्राबाद में लड़की देखने का कार्यक्रम रखवाया। 1 अक्टूबर को युवक का परिवार लड़की देखने वहां पहुंचा। उनके सामने शर्त रखी गई कि लड़की के पिता नहीं हैं और शादी के लिए ढाई लाख रुपये खर्च देना होगा।
परिवार गरीब है। उसने गन्ना कटाई के एक ठेकेदार से आने वाले सीजन (2026-27) की पेशगी यानी एडवांस लेकर यह रकम देना मान लिया।
तय हुए मुताबिक 5 अक्टूबर को ये लोग कार से गेवराई आए। दो अलग-अलग फोन-पे खातों में 25-25 हजार रुपये डाले गए और बाकी 2 लाख रुपये नकद बिचौलियों को दिए गए। फिर गेवराई में लड़के के घर पर ब्राह्मण से विधि-विधान से शादी करा दी गई।
शादी के सिर्फ दो दिन बाद दुल्हन मायके जाने की जिद करने लगी। दूल्हे ने समझाया कि दशहरे का त्योहार निकलने के बाद चले जाना। तब लड़की ने अपना राज खोल दिया और साफ कहा कि यह शादी पैसे और गहने हड़पने की साजिश का हिस्सा है। बिचौलियों को फोन किया गया तो वे टालमटोल वाले जवाब देने लगे। आखिर ठगी का एहसास होने पर युवक सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचा और लिखित शिकायत दी।
19 अक्टूबर को लड़की ने खुद पुलिस स्टेशन जाकर अपना बयान दर्ज कराया। कागजों में उम्र 20 साल दिखाने के लिए नया आधार कार्ड बनवाया गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि उसकी असली उम्र सिर्फ 15 साल 8 महीने है, यानी वह नाबालिग है। उसने बयान में माना कि उसे जबरदस्ती गेवराई लाकर उसकी शादी कराई गई और इसमें उसके साथ भी धोखा हुआ।
इस मामले में गेवराई पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया और आगे सुधारगृह भेज दिया। पुलिस अब इस रैकेट की बारीकी से तलाश कर रही है। गन्ना कटाई की पेशगी लेकर घर बसाने का सपना देखने वाले युवक के अरमानों को इस शातिर टोली ने कुचल दिया। खास बात यह है कि लड़की की मां ने भी बाल कल्याण समिति के सामने कहा है कि उसके साथ भी धोखा हुआ।
इस पूरे मामले पर महिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक तांगड़े ने माता-पिता और युवकों को सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा, "लड़कों को शादी के लिए लड़कियां नहीं मिलने की समस्या का गलत फायदा उठाकर पैसे ऐंठने वाली कई टोलियां सक्रिय हैं, ऐसे लोगों के बहकावे में न आएं।"
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश ढवळे ने तीखा गुस्सा जताते हुए कहा कि मराठवाड़ा में सूखा और शादी न जुड़ने की समस्या गंभीर हो गई है। इसका फायदा उठाकर कर्नाटक, मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों से लड़कियों की खरीद-फरोख्त हो रही है, जिसमें 3 से 10 लाख तक के रेट लिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक इसमें लड़की के मां-बाप भी शामिल दिखाई दे रहे हैं। मांग जोर पकड़ रही है कि पुलिस इस रैकेट को खत्म करे और शादी के इच्छुक युवकों का आर्थिक और मानसिक शोषण तुरंत रोके।
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