जिवती के विदर्भ कॉलेज में कलाम जयंती पर वाचन प्रेरणा दिन, लगी किताबों की प्रदर्शनी
जिवती के विदर्भ कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स अँड सायन्स में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर वाचन प्रेरणा दिन मनाया गया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जिवती के विदर्भ कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स अँड सायन्स महाविद्यालय में भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के मौके पर वाचन प्रेरणा दिन उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर कॉलेज की लाइब्रेरी में एक बड़ी ग्रंथ प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में अलग-अलग विषयों की किताबें विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए रखी गई थीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गजानन एस. राऊत ने की। दल्लूजी पाटील उसेंडी महाविद्यालय, जिवती की प्राचार्या डॉ. एस. एच. शाक्य प्रमुख अतिथि के तौर पर मौजूद थीं। कॉलेज के ग्रंथपाल महेंद्र एस. साबळे ने गुलदस्ता देकर प्रमुख अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की तस्वीर का पूजन और दीप प्रज्वलन करके की गई।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. गजानन एस. राऊत ने पढ़ने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ने से ज्ञान बढ़ता है, सोचने की ताकत विकसित होती है और व्यक्तित्व को सकारात्मक दिशा मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कोर्स की किताबों के साथ-साथ बाहर की किताबें पढ़ने की आदत भी डालें।
प्रमुख अतिथि डॉ. एस. एच. शाक्य ने अपने संबोधन में बताया कि डॉ. कलाम की जयंती को वाचन प्रेरणा दिन के रूप में क्यों मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का प्रेरणादायी जीवन, ज्ञान को लेकर उनकी जिज्ञासा और किताबों से उनका प्यार विद्यार्थियों के लिए आदर्श है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे डॉ. कलाम के विचारों से प्रेरणा लेकर नियमित पढ़ने की आदत डालें और ज्ञान के बल पर अपना लक्ष्य हासिल करें।
इस मौके पर ग्रंथपाल महेंद्र एस. साबळे ने विद्यार्थियों को वाचन प्रेरणा दिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से लाइब्रेरी में लगी ग्रंथ प्रदर्शनी देखने और अलग-अलग विषयों की किताबों का फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस पहल से विद्यार्थियों में पढ़ने का शौक पैदा होगा और लाइब्रेरी के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थी और पूरा शिक्षक वर्ग मौजूद था। डॉ. अमित बोरकर ने उपस्थित लोगों का आभार माना। इसके बाद वाचन प्रेरणा दिन के लिए लगाई गई ग्रंथ प्रदर्शनी का समापन किया गया।