शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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08:38 IST

सावित्रीबाई फुले आधार योजना के नियम बदले, हॉस्टल, पात्रता और भत्ते पर नई शर्तें

राज्य के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग ने ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले आधार योजना के संशोधित आदेश जारी किए हैं।

सावित्रीबाई फुले आधार योजना के नियम बदले, हॉस्टल, पात्रता और भत्ते पर नई शर्तें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई: राज्य सरकार के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग ने ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले आधार योजना के लिए संशोधित आदेश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा ले रहे अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजातियों और विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को इस योजना में निवास, भोजन और निर्वाह भत्ता दिया जाता है।

विभाग का कहना है कि लागू करने के दौरान शर्तों में जो दिक्कतें आ रही थीं, उन्हें दूर करके योजना को ज्यादा पारदर्शी और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने के लिए मानदंडों में अहम सुधार किए गए हैं।

हॉस्टल को लेकर साफ नियम बनाए गए हैं। जिन जिलों के मुख्यालय में सरकारी हॉस्टल चल रहे हैं, वहां जिला स्तर के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सबसे पहले सरकारी हॉस्टल में दाखिले के लिए आवेदन देना होगा। यह अनिवार्य है। जिन जिलों में अभी हॉस्टल शुरू नहीं हुए हैं, या जहां तहसील स्तर पर हॉस्टल शुरू करने की नीति नहीं है, वहां के विद्यार्थी सीधे ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले आधार योजना के लिए आवेदन दे सकेंगे।

विद्यार्थी को अपना खुद का आधार नंबर राष्ट्रीयकृत बैंक खाते से जोड़ना अनिवार्य किया गया है। हर तरह की आर्थिक मदद डीबीटी यानी सीधे लाभ हस्तांतरण प्रणाली से विद्यार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

पात्रता और अंकों के मापदंड पर भी संशोधित स्पष्टीकरण दिया गया है। जो विद्यार्थी दसवीं के बाद डिप्लोमा पूरा करके सीधे डिग्री के दूसरे साल में दाखिला लेते हैं, उनकी गुणवत्ता सूची के लिए डिप्लोमा के आखिरी साल के कम से कम 50 प्रतिशत अंक माने जाएंगे। डिग्री या पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेते समय पिछली परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी किया गया है।

ऑनलाइन आवेदन भरते समय सीजीपीए को प्रतिशत में बदलकर कॉलेज का प्रमाणपत्र जोड़ना अनिवार्य होगा, वरना आवेदन अपात्र माना जाएगा। विद्यार्थी की कॉलेज में उपस्थिति नियमित 75 प्रतिशत होनी चाहिए और हर तिमाही की हाजिरी 15 दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

शहरों की श्रेणी के हिसाब से मिलने वाले भत्तों की रकम में भी बदलाव किया गया है। मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, नागपुर और नगर निगम की सीमा से 5 किलोमीटर के दायरे के कॉलेजों में पढ़ने वालों को भोजन भत्ता 32 हजार, निवास भत्ता 20 हजार और निर्वाह भत्ता 8 हजार रुपये मिलेगा। कुल मिलाकर सालाना 60 हजार रुपये का लाभ होगा।

बाकी राजस्व विभागीय शहरों और क वर्ग नगर निगम क्षेत्र के लिए 51 हजार रुपये तय हैं। जिला मुख्यालय के दूसरे इलाकों के लिए 43 हजार रुपये हैं। तहसील स्तर पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 38 हजार रुपये तक की सालाना रकम 10 महीनों के लिए दी जा सकेगी।

सरकार का कहना है कि इस संशोधित फैसले से हजारों पात्र विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा लेना आसान होगा। जिन्हें हॉस्टल नहीं मिला या जिन्हें दूर पढ़ना पड़ता है, उन्हें बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा। सरकार ने विद्यार्थियों से अपील की है कि विस्तृत नियमावली और दिशा-निर्देशों का पालन करके अपने आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।

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