शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

झांग शेंगमिन को पॉलिटब्युरो में जगह, शी जिनपिंग के बाद चीन के सबसे ताकतवर शख्स बने

झांग शेंगमिन को पॉलिटब्युरो में जगह, शी जिनपिंग के बाद चीन के सबसे ताकतवर शख्स बने तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना के उप-कमांडर झांग शेंगमिन को अगले अधिवेशन का इंतजार किए बिना कम्युनिस्ट पार्टी के पॉलिटब्युरो का सदस्य बनाया।

चीन के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक ही नाम की चर्चा है, जनरल झांग शेंगमिन। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना के उप-कमांडर झांग शेंगमिन को कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे ऊंची नीति तय करने वाली संस्था पॉलिटब्युरो का सदस्य बना दिया है।

आम तौर पर पॉलिटब्युरो के सदस्य पार्टी अधिवेशन में चुने जाते हैं। अगला अधिवेशन 2027 में होना है, फिर भी शी जिनपिंग ने उसका इंतजार नहीं किया और शेंगमिन को सीधे यह बड़ी जिम्मेदारी दे दी। इस फैसले के बाद शी जिनपिंग के बाद झांग शेंगमिन चीन के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं।

इस वक्त शेंगमिन चीन के अकेले जनरल हैं, जिनके पास उपराष्ट्रपति पद का दर्जा है और जो सीधे पॉलिटब्युरो के सदस्य भी हैं। पिछले एक साल में चीनी सेना के बड़े जनरलों पर भारी कार्रवाई हुई है और सात में से पांच जनरलों को उनके पद से हटाया गया है। ऐसे नाजुक और उथल-पुथल वाले दौर में चीन की फौजी और राजनीतिक मशीनरी की कमान झांग शेंगमिन को सौंपे जाने से अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक भी हैरान हैं।

झांग शेंगमिन का जन्म फरवरी 1958 में शांक्सी प्रांत में हुआ था। वे सिर्फ 20 साल की उम्र में चीनी सेना में भर्ती हो गए। शुरुआत उन्होंने एक आम सैनिक के तौर पर की। उनकी किस्मत 2010 में पलटी, जब आए एक भीषण भूकंप के वक्त उन्होंने राहत का काम करने वाले विशेष दस्ते की कामयाब अगुवाई की। इस काम की वजह से वे वरिष्ठ फौजी अफसरों की नजर में आए।

2013 में शी जिनपिंग चीन की सत्ता में आए। उसके बाद झांग शेंगमिन को एक के बाद एक बड़ी जिम्मेदारियां और तरक्की मिलती गईं। उनकी गिनती शी जिनपिंग के बेहद करीबी और भरोसेमंद लोगों में होने लगी। चीनी सेना में बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए शी जिनपिंग ने उन्हें सेना की अनुशासन समिति का प्रमुख बनाया। उन्होंने यह जिम्मेदारी बहुत सख्ती से निभाई।

भ्रष्टाचार विरोधी समिति के अध्यक्ष के तौर पर झांग शेंगमिन ने सेना के बड़े अफसरों की गहरी जांच की। उनकी इस कार्रवाई से सेना के सात जनरलों को अपनी नौकरी और अपने पद गंवाने पड़े। यही नहीं, उनकी इस भूमिका की वजह से चीनी सेना के उपाध्यक्ष झांग युशिया भी मुश्किल में आए और उन्हें भी अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। इस पूरी कार्रवाई से शेंगमिन की पहचान एक अनुशासन पसंद और सख्त प्रशासक की बनी।

इस साल उन्हें चीन की 19वीं केंद्रीय समिति का सदस्य भी चुना गया था। अभी 67 साल के झांग चीनी सेना में सबसे ऊंची जगह पर पहुंच चुके हैं। चीनी सेना के ढांचे में राष्ट्रपति सबसे बड़े प्रमुख होते हैं और उनके बाद उपराष्ट्रपति पद आता है। आम तौर पर इस पद पर दो लोग होते हैं, लेकिन पिछले छह महीने से झांग अकेले यह पद संभाल रहे हैं। अब पॉलिटब्युरो में जगह मिलने से उनका प्रशासनिक और राजनीतिक वजन कई गुना बढ़ गया है।

#नागपुर#सियासत#PT24#Politics#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे