शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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विधान परिषद चुनाव: बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना पर गठबंधन धर्म न निभाने का आरोप लगाया

विधान परिषद चुनाव: बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना पर गठबंधन धर्म न निभाने का आरोप लगाया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 टीम

महाराष्ट्र विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक चुनावों में महायुति को पांच में से दो सीटें मिलीं, इसके बाद बीजेपी नेताओं ने सहयोगी शिवसेना के रवैये पर सवाल उठाए हैं।

नागपुर: महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव नतीजे आते ही महायुति के भीतर की खींचतान सामने आ गई है। बीजेपी और शिवसेना के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे हैं। महायुति अब तक विपक्ष के सामने एकजुट दिखने की बात करती रही है।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों में से तीन पर विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) जीती, जबकि महायुति के हिस्से में दो सीटें आईं।

गुरुवार को महाराष्ट्र बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना पर आरोप लगाया कि उसने गठबंधन की प्रतिबद्धताएं नहीं निभाईं। बन के मुताबिक नागपुर और पुणे में शिवसेना के असहयोग से सत्ताधारी गठबंधन की संभावनाएं कमजोर हुईं।

विवाद का सबसे बड़ा केंद्र पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र है। यहां शिवसेना ने आखिरी वक्त में बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार के सामने निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सनप को समर्थन दे दिया। बन का आरोप है कि इससे गठबंधन की एकता को नुकसान पहुंचा और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी को इसके बदले कोई चुनावी फायदा भी नहीं मिला।

बन ने दावा किया कि अगर शिवसेना बीजेपी और अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी का ठीक से साथ देती, तो महायुति पांचों सीटें जीत सकती थी। उनके अनुसार पुणे में शिवसेना के अपने हितों पर अड़े रहने से सहयोगी दल मुश्किल में पड़े और गठबंधन अपनी सीटें बढ़ाने का मौका चूक गया।

बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि शिवसेना के मंत्री अब्दुल सत्तार ने छत्रपति संभाजीनगर निर्वाचन क्षेत्र में एनसीपी के खिलाफ प्रचार किया।

बन ने X पर भी एक पोस्ट लिखी। उसमें उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथियों को छोड़कर किसी एक उम्मीदवार का समर्थन करना बहुचर्चित 'गठबंधन धर्म' के सिद्धांत से मेल नहीं खाता।

बीजेपी के उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये ने भी नतीजों की पूरी समीक्षा की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि सत्ताधारी गठबंधन सिर्फ दो सीटें क्यों जीत पाया। उनके मुताबिक अगर तीनों दल मिलकर प्रचार करते तो इससे कहीं बेहतर नतीजे आ सकते थे। X पर की गई उनकी टिप्पणी में तीन स्नातक सीटें न बचा पाने को लेकर बीजेपी की बेचैनी दिखी।

अब नतीजों पर नजर डालें। नागपुर स्नातक क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को हराकर अपनी सीट बचाई। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे में हर्षदा देशमुख-जाधव और छत्रपति संभाजीनगर में प्रतापसिंह पाटिल के जरिए स्नातक सीटें जीतीं।

बीजेपी को पुणे शिक्षक क्षेत्र में कौस्तुभ गावडे के रूप में जीत मिली। अमरावती शिक्षक क्षेत्र की सीट शिवसेना के किरण सरनाईक ने जीती। यानी बीजेपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिली, अजित पवार की एनसीपी का खाता नहीं खुला और MVA को तीन सीटें मिलीं।

शिवसेना इन आरोपों को मानेगी या जवाब देगी, यह अभी साफ नहीं है।

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