मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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19:50 IST

जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रांका के लिए अभिजीत दिपके का भावुक वीडियो

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने जमानत याचिका खारिज होने के बाद अपने दोनों साथियों के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो डाला।

जेल में बंद सौरव दास और आशुतोष रांका के लिए अभिजीत दिपके का भावुक वीडियो तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका पिछले छह से आठ दिन से जेल में हैं। मामला जंतर मंतर पर किए गए आंदोलन का है। बताया गया है कि केंद्रीय चुनाव आयुक्त के कथित मनमाने कामकाज और गड़बड़ियों के खिलाफ उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर छापामार तरीके से यह आंदोलन किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

कल हुई सुनवाई में भी सौरव और आशुतोष की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद चर्चा है कि दोनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इन सब घटनाओं के बीच पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके अपने दोनों साथियों के लिए भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। उसी समय दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन को फिलहाल रोक दिया है। उन्होंने आंदोलन करने वालों से घर जाने की अपील भी की है।

वीडियो में दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ हुई बातचीत को याद किया। उन्होंने कहा, "जेल जाने की संभावना और कौन ज्यादा समय जेल में रह सकेगा, इस पर हमारी कई बार चर्चा हुई है। सौरव कहता था कि मैं जेल में एक दिन भी नहीं टिक पाऊंगा। लेकिन वह पिछले छह दिन से जेल में है।"

दिपके के मुताबिक, "जून में जंतर मंतर पर शुरू हुए आंदोलन के दौरान उसे शुरुआत में बहुत नरम स्वभाव और कोल्ड कॉफी पीने की वजह से ट्रोल किया गया था। लेकिन अब उसे देखिए, वह तिरंगा लहराते हुए हंसते-हंसते जेल गया।" उन्होंने कहा, "मैंने सिर्फ उनकी सूचनाओं का पालन किया। असल में इन दोनों ने ही यह आंदोलन आगे बढ़ाया। जिस हिम्मत और आत्मविश्वास से उन्होंने नेतृत्व किया, उससे मुझे भी बड़ा बल मिला।"

दिपके ने उन लोगों पर भी बात की जो फ्रांस में चल रही अशांति और सीजेपी आंदोलन की तुलना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों हालात बिल्कुल अलग हैं। उनके शब्दों में, "भारत में आशुतोष और सौरव हंसते हुए जेल गए। फ्रांस में जो हो रहा है, वैसा हमने कुछ नहीं किया। लेकिन उन्हें गलत तरीके से जेल में डाला गया है, यह पता चलने पर उन्होंने शांति का रास्ता चुना। आशु और सौरव सत्याग्रह कर रहे हैं। जब ये दोनों जल्द ही जेल से बाहर आएंगे, तब पूरा देश उन्हें सलाम करेगा।"

अपनी भावुकता पर दिपके ने कहा, "अब कुछ लोगों को यह देखकर लगेगा कि मैं भावुक हो गया हूं, देखो इसने लोगों को कैसे रुला दिया। लेकिन हमारी भावनाएं हमारी कमजोरी नहीं हैं। मैं इस वक्त भावुक हूं क्योंकि सौरव और आशुतोष मेरे भाई हैं। मुझे उनकी फिक्र है। यह उनके लिए मेरा प्यार है।" उन्होंने आगे कहा, "मैं आप लोगों से डरता नहीं हूं। दो दिन जेल में रखा, फिर भी मुझे आपका डर नहीं लगता।"

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