जमीन में गाड़ने के लिए छापे जाली नोट!
राशन दुकान उजड़ी, पत्नी से तलाक और शेयर ट्रेडिंग में घाटा, वाठोड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा पुष्पक बंडाणे
नागपुर.
आर्थिक तंगी और जिंदगी में मिली नाकामियों के बीच एक शिक्षित युवक ने ऐसा रास्ता चुना कि पुलिस भी उसकी दलीलें सुनकर हैरान रह गई. किराए के कमरे में कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से जाली नोट छापने वाले पुष्पक बंडाणे को आखिरकार वाठोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उसका कहना है कि वह जाली नोटों की पूजा करके धनवान बनने की मन्नत मांगनेवाला था. यह मन्नत पुरी होने के बाद जाली नोटों को जमीन में गाड़कर तुलसी का पौधा उगानेवाला था. उसकी बेतुकी बातों से पुलिस भी चकराई हुई है. उसे अदालत में पेश करके 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में लिया गया है.
पुष्पक चैतन्येश्वर नगर में किराए के मकान में रहता था. किराया नहीं देने के कारण मकान मालिक उससे घर खाली करने का तकादा कर रहे थे, लेकिन पुष्पक उलटे मकान मालिक को ही धमकाने लगा था. उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर शक होने के बाद मकान मालिक ने मनसे कार्यकर्ताओं की मदद से वाठोड़ा पुलिस को सूचना दी थी. 24 अक्तूबर की रात पुलिस ने उसके कमरे पर छापा मारा तो वहां जाली नोट छापने का मामला सामने आया था. कमरे से कुल 85 लाख रुपये के जाली नोट मिले. इनमें 37 लाख रुपये के नोटों के दोनों हिस्से छापे जा चुके थे, जबकि 48 लाख रुपये के नोटों का केवल एक हिस्सा छापा गया था. इसके बाद से पुलिस पुष्पक की तलाश कर रही थी. आखिरकार रविवार रात वह पुलिस के शिकंजे में आ गया.
जिंदगी में मिली नाकामियों का दिया हवाला
पुलिस जांच में सामने आया कि पुष्पक एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाला शिक्षित युवक है. वह पहले राशन की दुकान चलाता था, लेकिन बाद में उसका कारोबार छूट गया. करीब ढाई साल पहले पत्नी से तलाक होने के बाद वह अकेले रहने लगा. राशन दुकान बंद होने के बाद वह ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करता था. इसमें भी उसे भारी नुकसान हुआ. इन हालात के चलते वह आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझने लगा था. पुष्पक के मुताबिक, झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के दौरान उसने काफी धन-संपत्ति पाने की मन्नत मांगी थी. उसे पूजा के लिए नोटों की जरूरत थी. पूजा के लिए उसे नोटों की जरुरत थी. उसने जाली नोटों से यह जरुरत पुरी करने की युक्ति अपनाई. उसने करीब एक सप्ताह पहले कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से नोट छापना शुरू किया.
जाली नोटों को लेकर अजीबोगरीब दलीलें
पुलिस पूछताछ में पुष्पक का दावा है कि उसे पता था कि जाली नोट बाजार में चलाने पर वह पकड़ा जा सकता है और यह गंभीर कानूनी अपराध है. इसलिए उसने ये नोट बाजार में चलाने के बजाय अपने पास रखने के लिए छापे थे. वह जाली नोटों को पूजा करने के बाद जमीन में गाड़कर वहां तुलसी का पौधा उगाने वाला था. पुष्पक की इन अजीबोगरीब दलीलों ने पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है. मामले की गंभीरता और आरोपी की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस सावधानीपूर्वक पूछताछ कर रही है।
परिवार से भी टूटा था संपर्क
पुष्पक के माता-पिता और भाई देशपांडे लेआउट में रहते हैं. भाई राशन की दुकान चलाता है. परिजनों का कहना है कि पिछले ढाई साल से उनका पुष्पक से संपर्क नहीं था. ऐसे में वे उसकी गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकते है. अब पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुष्पक ने जाली नोट छापने के लिए किन संसाधनों का इस्तेमाल किया, इस काम में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और बरामद नोटों के पीछे उसकी वास्तविक मंशा क्या थी.
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