इस्रायल और अमेरिका की हर हरकत पर ईरान की नजर, हमले का इशारा मिला तो फौरन जवाब
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ईरान ने इस्रायल और अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि उनकी फौजी गतिविधियों पर बारीक नजर है और हमले के संकेत मिलते ही बिना देर किए जोरदार जवाब दिया जाएगा।
मध्यपूर्व में तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है और इसी बीच ईरान ने इस्रायल और अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। ईरान की फौजी लीडरशिप का कहना है कि दोनों देशों की फौजी हलचल पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। अगर इन हलचलों से ईरान पर हमले का इशारा मिला, तो बिना कोई देर किए जोरदार जवाब दिया जाएगा।
खबर में कहा गया है कि इस्रायल में चुनाव हारने के संकेत मिलने पर नेतान्याहू ने इस्रायल के आर्मी चीफ से ईरान पर फिर हमला करने को कहा, लेकिन आर्मी चीफ ने मना कर दिया। इसके फौरन बाद ट्रम्प ने ऐसे बयान देने शुरू कर दिए कि अमेरिका में मध्यावधि चुनाव खत्म होने के बाद अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। ईरान को भी अच्छी तरह पता है कि अमेरिका और इस्रायल एक बार फिर उस पर हमला करेंगे। कहा जा रहा है कि ईरान ने इसके लिए पूरी योजना बना ली है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनी ने वरिष्ठ फौजी अफसरों के साथ बैठक की और उसके बाद सेना को अहम निर्देश दिए। अमेरिका और इस्रायल की संभावित कार्रवाइयों पर नजर रखने के साथ-साथ देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। फौजी तैयारी हर वक्त बनाए रखने का आदेश भी दिया गया है।
ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका या इस्रायल की तरफ से फिर कोई फौजी या आतंकी हमला हुआ, तो उसका जवाब फौरन और असरदार होगा। चेतावनी यह भी दी गई है कि इस जवाब पर भौगोलिक सीमा की कोई पाबंदी नहीं रहेगी। ईरान की फौजी लीडरशिप से कहा गया है कि वह संभावित निशानों की लिस्ट अपडेट रखे और रक्षा व्यवस्था को और काबिल बनाए।
अमेरिका और इस्रायल के संभावित हमलों की चर्चा से मध्यपूर्व का माहौल फिर गरमा गया है। दूसरी तरफ, कतर की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी रखने की कोशिशें चल रही हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास और सख्त रुख की वजह से बातचीत पर अनिश्चितता का साया है। ईरान ने अपने रुख से पीछे हटने से इनकार कर दिया है, इसलिए आने वाले दिनों में इस इलाके के हालात और नाजुक होने की आशंका है।
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