अमेरिकी हवाई हमले में तेहरान अस्पताल तबाह, मलबे से निकाले गए मोजतबा खामेनेई
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अमेरिका के हवाई हमले में बाल-बाल बचे। बचाव दल ने उन्हें तेहरान के एक अस्पताल के मलबे से जिंदा निकाला।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और जंग के माहौल के बीच ईरान से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अमेरिका के एक बड़े हवाई हमले में बाल-बाल बच गए। तेहरान के एक बड़े अस्पताल पर अमेरिका और इजरायली फौज ने बमबारी की थी, जिसमें इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और मोजतबा खामेनेई उस मलबे के नीचे दब गए थे। बचाव टीमों ने फौरन तलाशी अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। ईरान की ताकतवर तज्ज्ञ परिषद (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) के सदस्य मोहसेन हैदरी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में यह संवेदनशील खुलासा किया।
हैदरी के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम फरवरी महीने में हुए शुरुआती हवाई हमलों से शुरू हुआ था। उस दौरान हुए हमलों में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए तेहरान के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन दुश्मन की खुफिया एजेंसियों ने उस जगह का पता लगाकर तेहरान के लगातार तीन बड़े अस्पतालों को निशाना बनाकर बमबारी की। जिस तीसरे अस्पताल पर हमला हुआ, उसी इमारत में मोजतबा का इलाज चल रहा था। जबरदस्त धमाकों से अस्पताल की इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई, लेकिन वक्त पर पहुंची इमरजेंसी टीमों ने मोजतबा को मलबे से जिंदा निकालने में कामयाबी हासिल की।
इस जानलेवा हमले और जंग जैसे हालात के बीच ईरान में नए सर्वोच्च नेता को चुनने की प्रक्रिया बेहद गुप्त और मुश्किल तरीके से पूरी हुई। हैदरी ने बताया कि कोम शहर में तज्ज्ञ परिषद के मुख्य दफ्तर पर भी दुश्मन ने हवाई हमला किया था। इस हमले में परिषद के 8 सदस्यों की मौत हो गई और सर्वोच्च नेता के चुनाव से जुड़े अहम सरकारी कागजात पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस भारी संकट में भी बाकी बचे सदस्यों ने हिम्मत नहीं हारी और एक गुप्त जगह पर इकट्ठा होने का फैसला किया।
दफ्तर तबाह होने और मतपत्र न होने की वजह से सभी सदस्यों ने कागज की छोटी पर्चियों पर अपनी राय लिखकर ऐतिहासिक वोटिंग की। तज्ज्ञ परिषद के कुल 59 सदस्यों में से 50 सदस्यों ने मोजतबा खामेनेई के पक्ष में वोट डाला। वहीं दूसरे उम्मीदवार अयातुल्ला अलीरेजा आराफी को सिर्फ 8 वोट मिले और एक सदस्य ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। सुरक्षा के सख्त कारणों से इस चुनाव का ऐलान तुरंत सरकारी टीवी पर नहीं किया गया था। 56 साल के मोजतबा किसी औपचारिक सरकारी पद पर नहीं थे, लेकिन वे लंबे समय से अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के मुख्य सलाहकार के तौर पर पर्दे के पीछे से बड़ी जिम्मेदारी संभालते रहे हैं।
इस बीच मोजतबा खामेनेई की सेहत और शारीरिक हालत को लेकर दुनियाभर में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इस हमले में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनके शरीर का बायां हिस्सा, खासकर हाथ और पैर बुरी तरह जख्मी हुए हैं। लेकिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पेजेशकियान ने साफ किया कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक और सेहतमंद हैं और उन्होंने हाल ही में देश के अहम फैसलों पर करीब सात घंटे लंबी बैठक की है। फिलहाल ईरान के सर्वोच्च नेता के तौर पर वे सारे बड़े प्रशासनिक और सैन्य फैसले खुद ले रहे हैं।