सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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05:29 IST

डायबिटीज में फल पूरी तरह बंद न करें, किवी, सेब और पपीते पर क्या बताया गया

मधुमेह के मरीज फल खाते वक्त कार्बोहायड्रेट और ग्लायसेमिक इंडेक्स का ध्यान रखें। किवी, सेब और पपीते की जानकारी।

डायबिटीज में फल पूरी तरह बंद न करें, किवी, सेब और पपीते पर क्या बताया गया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

फलों को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। उनमें विटामिन, खनिज, फायबर और शरीर के लिए ज़रूरी कई पोषक तत्व होते हैं। ये तत्व शरीर को तंदुरुस्त रखने में मदद करते हैं। लेकिन मधुमेह के मरीजों को फल खाते वक्त सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि फलों में नैसर्गिक शक्कर और कार्बोहायड्रेट होते हैं। इनका असर खून में शक्कर की मात्रा पर पड़ सकता है।

इसका मतलब यह नहीं कि मधुमेह के मरीज फल खाना पूरी तरह छोड़ दें। विशेषज्ञों के मुताबिक सही मात्रा में पूरे फल खाने से मधुमेह के मरीजों को फायबर और ज़रूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। हां, एक अहम बात यह है कि फल खाते समय कार्बोहायड्रेट की मात्रा और ग्लायसेमिक इंडेक्स को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

पहले बात किवी की। यह खट्टा-मीठा फल है और विटामिन सी, फायबर और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। मिली जानकारी के अनुसार एक मध्यम आकार के किवी में करीब 42 कैलोरी और 10 ग्राम कार्बोहायड्रेट होते हैं। इसके अलावा उससे लगभग 2 ग्राम फायबर भी मिलता है। किवी का फायबर पाचन सुधारने और खाने के बाद खून में शक्कर का बढ़ना कम करने में मदद कर सकता है। मधुमेह के मरीज किवी पूरा खा सकते हैं।

दूसरा फल सेब है, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार एक मध्यम आकार के सेब में अंदाज़न 95 कैलोरी, 25 ग्राम कार्बोहायड्रेट और करीब 4 ग्राम फायबर होता है। उसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में मिलते हैं। मधुमेह के मरीज रोज़ के खाने में सेब को शामिल कर सकते हैं। सेब का फायबर देर तक पेट भरा रखने और खून की शक्कर काबू में रखने में मदद कर सकता है।

सेब को अच्छी तरह धोकर छिलके समेत खाना एक बेहतर तरीका बताया गया है, क्योंकि छिलके में भी फायबर और काम के वनस्पति तत्व होते हैं।

तीसरा फल पपीता है, जो कई पोषक तत्वों से भरा है। उसमें विटामिन सी, फायबर, पोटैशियम और दूसरे ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं। पपीते का फायबर पाचन में मदद करता है, जबकि विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता का काम सुचारु रखने में सहायक है। मधुमेह के मरीज सीमित मात्रा में पका पपीता खा सकते हैं। लेकिन पपीते का ग्लायसेमिक इंडेक्स उसकी किस्म और पकने की स्थिति के हिसाब से बदल सकता है।

लेख के साथ यह टिप भी दी गई है कि यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आज़माने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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