गोंदिया में शालीमार होटल का फूड लाइसेंस सस्पेंड, जांच में मिली गंदगी और खामियां
अन्न व औषध प्रशासन ने गोंदिया के कुडवा नाका, रिंग रोड परिसर के मे. शालीमार हॉटेल का अन्न व्यवसाय परवाना 13 अक्टूबर 2026 से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है।
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गोंदिया के कुडवा नाका, रिंग रोड परिसर में स्थित मे. शालीमार होटल का अन्न व्यवसाय लाइसेंस (फूड बिजनेस लाइसेंस) 13 अक्टूबर 2026 से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। अन्न और औषध प्रशासन ने यह कार्रवाई सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित को देखते हुए की है। प्रशासन के मुताबिक, अन्न सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन हुआ था और जांच में मिली खामियां दूर नहीं की गईं।
अन्न और औषध प्रशासन की ओर से जिले के अन्न प्रतिष्ठानों में नियमित जांच की जाती है, ताकि देखा जा सके कि अन्न सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। इसी के तहत मे. शालीमार होटल की 3 सितंबर 2026 को FoSCoS प्रणाली के जरिए जांच की गई थी। जांच में जो खामियां मिलीं, उन्हें दुरुस्त करने के लिए संबंधित लाइसेंसधारक को सुधार नोटिस दिया गया था। लेकिन नोटिस के मुताबिक जरूरी सुधार करके उसकी पूर्ति रिपोर्ट जमा नहीं की गई।
इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को प्रतिष्ठान की दोबारा जांच हुई। इस बार भी पहले बताई गई खामियां जस की तस मिलीं। इनमें अन्नपदार्थों को रखने के लिए अपर्याप्त सुविधा, फिसलन भरी फर्श, कर्मचारियों के लिए हाथ धोने की सुविधा का न होना, दीवारों का रंग और प्लास्टर उखड़ा होना, वेंटिलेशन और एग्ज़ॉस्ट सिस्टम में गंदगी, खुली नालियां और नालियों में जमा हुआ खाने का कचरा शामिल हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अन्नपदार्थ संभालते समय जरूरी सफाई नहीं रखी जा रही थी और खाना संभालने वाले कर्मचारी निजी स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। अन्नपदार्थों का सुरक्षित भंडारण, साफ परिसर और खाना संभालने वाले कर्मचारियों की निजी स्वच्छता अन्न सुरक्षा के लिए अहम मानी गई है।
अन्न सुरक्षा और मानक कानून, 2006 और उसके तहत लागू नियमों और विनियमों के प्रावधानों के हिसाब से इन खामियों पर संज्ञान लिया गया। इसके बाद अन्न और औषध प्रशासन के गोंदिया कार्यालय की सहायक आयुक्त (अन्न) तथा नामित अधिकारी अमृता शिर्के ने संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन की अवधि में इस प्रतिष्ठान में किसी भी तरह का अन्न व्यवसाय न करने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित, साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले अन्नपदार्थ मिलें, इसके लिए अन्न प्रतिष्ठानों की जांच कर कानून के हिसाब से जरूरी कार्रवाई की जाती है। प्रशासन की ओर से सभी अन्न व्यावसायिकों से कहा गया है कि वे अन्न सुरक्षा, परिसर की सफाई और निजी स्वच्छता से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करें। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अन्नपदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जागरूक रहें और कोई भी गड़बड़ी दिखे तो अन्न और औषध प्रशासन से शिकायत दर्ज कराएं।