एयर मार्शल विक्रम गौर बने डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स में अतिरिक्त सचिव, वायुसेना के पहले अधिकारी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एयर मार्शल विक्रम गौर को रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स में अतिरिक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इस पद पर पहुंचने वाले वे भारतीय वायुसेना के पहले अधिकारी हैं।
भारतीय वायुसेना और देश की रक्षा व्यवस्था के लिए एक बेहद गर्व की बात और ऐतिहासिक पल सामने आया है। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ और बहुत अनुभवी अधिकारी एयर मार्शल विक्रम गौर को रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (सैन्य मामलों के विभाग) में अतिरिक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है।
इस नियुक्ति को खास माना जा रहा है, क्योंकि रक्षा मंत्रालय के इस अहम विभाग में अतिरिक्त सचिव का पद संभालने वाले वे भारतीय वायुसेना के इतिहास में पहले अधिकारी बन गए हैं। बताया गया है कि उनकी इस नियुक्ति से थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अपने करियर में उन्होंने कई अहम पद संभाले हैं। एयर मार्शल विक्रम गौर का रक्षा क्षेत्र में करियर शानदार और प्रेरणा देने वाला रहा है। उन्होंने देश की सुरक्षा से जुड़े कई ऊंचे और संवेदनशील पदों पर रहकर अपनी सेवा दी है। वे रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (एयर और स्टाफ ड्यूटी) के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
इसके अलावा भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम और संवेदनशील जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र के एयर ऑफिसर कमांडिंग (AOC) के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां बड़ी कुशलता से निभाई हैं। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने हवाई सुरक्षा और रणनीतिक योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाई।
एयर मार्शल विक्रम गौर वायुसेना के एक साहसी फाइटर पायलट भी हैं। वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने का उनके पास लंबा अनुभव है। भारत के सबसे आधुनिक और घातक लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई समेत अलग-अलग फाइटर जेट उड़ाने के 3200 घंटे से ज्यादा के उड़ान अनुभव उनके नाम दर्ज हैं।
उनके इसी लंबे अनुभव का सीधा फायदा अब डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की प्रशासनिक और रणनीतिक योजनाएं तैयार करते समय मिलेगा। यानी सैन्य मामलों के विभाग की योजनाओं में अब वायुसेना के एक अनुभवी लड़ाकू पायलट का अनुभव काम आएगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।