बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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21:13 IST

सोलर डिफेंस ने सेना को सौंपे 450 नागास्त्र-1R ड्रोन, एक बार में अब तक की सबसे बड़ी खेप

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने भारतीय सेना को एक साथ 450 नागास्त्र-1R ड्रोन डिलीवर किए हैं।

सोलर डिफेंस ने सेना को सौंपे 450 नागास्त्र-1R ड्रोन, एक बार में अब तक की सबसे बड़ी खेप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) ने भारतीय सेना को आत्मघाती ड्रोन यानी लॉइटरिंग म्यूनिशन की अब तक की सबसे बड़ी खेप सौंप दी है। इस डिलीवरी को भारतीय रक्षा उद्योग और 'मेक इन इंडिया' पहल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया है।

कंपनी ने एक साथ 450 'नागास्त्र-1R' ड्रोन सेना के हवाले किए। यह किसी भी भारतीय निर्माता की तरफ से सेना को दी गई सबसे बड़ी एकल डिलीवरी है। स्वदेशी रक्षा निर्माण के लिहाज से इसे घरेलू रक्षा उत्पादन की बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया गया है।

इस मौके पर सोलर ग्रुप के चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल मौजूद थे। उनके साथ कार्यकारी निदेशक रियर एडमिरल बृजेश वशिष्ठ (सेवानिवृत्त) और आरएंडडी निदेशक मंजीत सिंह भी थे।

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में बताया गया है कि यह स्वदेशी प्रणाली भारतीय सेना के लिए लागत प्रभावी साबित होगी। देश में बनने के बावजूद इसकी सटीकता और क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया गया है। यह भी कहा गया है कि विदेशी प्रणालियों पर भारत की निर्भरता घटाने में यह निर्णायक भूमिका निभाएगी।

अब बात नागास्त्र-1R की खासियतों की। यह मैन-पोर्टेबल सिस्टम है, यानी सैनिक इसे आसानी से अपने साथ लेकर चल सकते हैं। यह 5 किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम है और दिन-रात निगरानी के लिए इसमें उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगे हैं।

इसमें 1 किलोग्राम का विस्फोटक वॉरहेड है, जो दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से तबाह कर सकता है। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) गाइडेड नेविगेशन से लैस इस ड्रोन का सर्कुलर एरर प्रोबेबल सिर्फ 2 मीटर है, इसलिए यह लक्ष्य के बेहद करीब जाकर वार करता है।

कामीकाजे अटैक मोड में यह दुश्मन के ठिकाने या वाहन से सीधे टकराकर उसे नष्ट कर सकता है। अगर मिशन रद्द हो जाए या लक्ष्य बदलना पड़े, तो इसे हवा में ही रोककर सुरक्षित वापस बुलाया जा सकता है और दोबारा इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यही एबॉर्ट और रिकवरी की सुविधा है।

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