शिक्षक भरती: चुने गए उमेदवारों को नियुक्ति ना मिलने पर संगठन का सरकार को इशारा
महाराष्ट्र की शिक्षक भरती 2025 में सिलेक्शन प्रोसेस पूरी करने वाले कैंडिडेट्स की नियुक्ति आचार संहिता की वजह से अटकी, संगठन ने चुनाव आयोग से गाइडलाइन मांगी।
महाराष्ट्र में चल रही शिक्षक भरती 2025 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिन उम्मीदवारों की सिलेक्शन प्रोसेस पूरी हो चुकी है, साथ ही जिन्होंने डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन, प्रशासनिक कार्रवाई और काउंसलिंग की पूरी प्रोसेस भी कम्प्लीट कर ली है, मगर फिर भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें तुरंत नियुक्ति ऑर्डर देने की मांग उठी है। यह मांग युवा शैक्षणिक व सामाजिक न्याय संघटना, महाराष्ट्र की तरफ से की गई है।
संगठन का कहना है कि महाराष्ट्र विधान परिषद के इलेक्शन की वजह से लागू आदर्श आचार संहिता के चलते कुछ सिलेक्ट हो चुके कैंडिडेट्स की नियुक्तियां अटकी पड़ी हैं। यानी सिलेक्शन तो हो गया, पर आगे का प्रोसेस आचार संहिता की वजह से रुक गया है।
इस बीच संगठन ने मांग की है कि जिन उम्मीदवारों की सिलेक्शन प्रोसेस और नियुक्ति से पहले जरूरी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, उनकी नियुक्ति के मामले में आचार संहिता के नियमों का पालन करते हुए इलेक्शन कमीशन से जरूरी परमिशन या साफ गाइडलाइन ली जाए। ताकि इनकी नियुक्ति में कोई कानूनी अड़चन ना रहे।
इस बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य के साथ-साथ स्कूली शिक्षा विभाग को भी एक निवेदन सौंपा गया है। संगठन ने रिक्वेस्ट की है कि संबंधित अथॉरिटीज इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करें, ताकि उम्मीदवारों को और इंतजार ना करना पड़े।
शैक्षणिक व सामाजिक न्याय संघटना के अध्यक्ष संदीप कांबळे ने अपनी बात रखते हुए कहा, "शिक्षक भरती के उम्मीदवारों ने सिलेक्शन प्रोसेस के सारे जरूरी स्टेज पूरे कर लिए हैं। इसलिए सिर्फ आचार संहिता की वजह से बनी अनिश्चितता को दूर करने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए। आचार संहिता का पूरा सम्मान रखते हुए इलेक्शन कमीशन से साफ गाइडलाइन ली जाए और नियम के मुताबिक नियुक्ति की आगे की कार्रवाई की जाए।"
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सिलेक्ट हो चुके इन उम्मीदवारों को जल्द से जल्द नियुक्ति मिल पाएगी, और क्या सरकार प्रशासनिक देरी की जिम्मेदारी लेगी। फिलहाल इन कैंडिडेट्स की निगाहें सरकार और चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।