सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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भारतीय सेना को मिली बड़ी ताकत, सोलर डिफेंस की नागास्त्र-2 लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणाली की डिलीवरी पूरी

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने नागास्त्र-2 की डिलीवरी भारतीय सेना को पूरी कर दी है। कंपनी के मुताबिक प्रणाली तैनाती के लिए तैयार है।

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने भारतीय सेना को नागास्त्र-2 लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणाली की डिलीवरी पूरी कर दी है। इस प्रणाली में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेजर (ECCM) क्षमता है। इससे भारतीय रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को मजबूती मिली है। कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़े मुश्किल हालात में टेस्ट कामयाब रहे, इसके बाद यह प्रणाली सेना में तैनाती के लिए तैयार है।

टेस्ट की बात करें तो अगस्त 2026 में राजस्थान के बीकानेर में बने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर नागास्त्र-2 के तकनीकी परीक्षण हुए थे। कंपनी के मुताबिक, भारतीय सेना के बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स की मौजूदगी में प्रणाली के परिचालन मानकों और ईसीसीएम प्रदर्शन को परखा गया और नतीजा सफल रहा। उसके बाद ही डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी की गई।

नागास्त्र-2 को आज के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें एंटी-जैमिंग, एंटी-स्पूफिंग और मल्टी-मोड कम्युनिकेशन जैसी खूबियां दी गई हैं। कंपनी का कहना है कि इसका विजन-बेस्ड ट्रैकिंग और ऑटोनॉमस गाइडेंस सिस्टम जीपीएस सिग्नल रुकने की हालत में भी निशाने को ट्रैक करने में मदद करता है।

इसकी परिचालन सीमा यानी ऑपरेशनल रेंज 25 किलोमीटर से ज्यादा बताई गई है। इसके इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड में दिन और रात, दोनों वक्त काम करने वाले डुअल सेंसर लगे हैं। प्रणाली को बख्तरबंद वाहनों समेत अलग-अलग तरह के निशानों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है।

वारहेड के बारे में कंपनी के अनुसार, नागास्त्र-2 में स्वदेशी तौर पर बनाया गया टैंडम एंटी-टैंक वारहेड लगा है। यह एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर (ERA) को बेअसर करने और 650 मिमी तक के रोल्ड होमोजेनियस आर्मर (RHA) को भेदने में सक्षम है। हालांकि इसका असली असर हालात और परीक्षण के मानकों पर निर्भर करता है।

उम्मीद है कि नागास्त्र-2 की डिलीवरी से भारत में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्नत संचार, ट्रैकिंग और गाइडेंस क्षमताओं वाली यह प्रणाली आधुनिक युद्धक्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

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