चंद्रपुर में रब्बी की सिंचाई के लिए नदी का पानी देने की विधायक मुनगंटीवार ने रखी मांग
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विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने जिलाधिकारी वसुमना पंत को पत्र लिखकर नदी क्षेत्र का उपलब्ध पानी रब्बी की सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी है।
चंद्रपुर जिले के किसानों को रब्बी की फसल के लिए पानी मिल सके, इसके लिए विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने जिला प्रशासन से मांग की है। उन्होंने चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि नदी क्षेत्र में जो पानी उपलब्ध है, उसे सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।
पत्र में एक और मांग रखी गई है। सार्वजनिक पानी सप्लाई क्षेत्र से 500 मीटर की दूरी का एक मानदंड है। इस मानदंड की वजह से जिन बोअरवेल वाले किसानों को दिक्कत आ रही है, उन्हें लागू नियमों के हिसाब से जरूरी रियायतें दी जाएं। मुनगंटीवार का कहना है कि बारिश अनियमित रही है, इसलिए रब्बी की फसलों को पानी मिलना इस मांग का मुख्य मकसद है।
मुनगंटीवार ने कहा कि सूखे का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में किसानों की मेहनत को पानी का सहारा मिलना चाहिए और रब्बी सीजन की फसलें सिंचाई के बिना सूख न जाएं। उनके मुताबिक किसानों के पसीने से खड़ी होने वाली खेती को पानी का आधार मिले और सूखे की मार से किसानों की आर्थिक मुश्किलें और न बढ़ें, यही इस मांग के पीछे की सोच है।
अनियमित बारिश और सूखे जैसे हालात की वजह से चंद्रपुर जिले के किसानों के सामने रब्बी की फसल लेना बड़ी चुनौती बन गया है। खरीफ सीजन की दिक्कतें झेलने के बाद किसान अब रब्बी से उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर उन्हें सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला तो उनका आर्थिक संकट बढ़ सकता है। मुनगंटीवार ने इस बात पर जोर दिया कि एक तरफ नदी का पानी बहकर निकल रहा है और दूसरी तरफ सिंचाई के बिना किसानों की फसल पर संकट है। इसलिए उपलब्ध जलस्रोतों का सोच-समझकर और योजना बनाकर इस्तेमाल होना चाहिए।
नदी क्षेत्र का पानी रब्बी की सिंचाई के लिए देते समय जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया आसान की जाए, ऐसी मुनगंटीवार की मांग है। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि किसानों को पानी उठाने की अनुमति समय पर मिले। जिन किसानों के खेत में बोअरवेल है और जो 500 मीटर के मानदंड की वजह से परेशान हैं, उनके मामलों पर हमदर्दी से विचार करके लागू नियमों के दायरे में जरूरी रियायतें दी जाएं, यह भी उन्होंने पत्र में लिखा है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि नदी का पानी सिंचाई के लिए देते वक्त सार्वजनिक पीने के पानी की जरूरत, जलाशयों की हालत और भूजल स्तर के बीच संतुलन रखा जाए। जल संसाधन विभाग, भूजल सर्वेक्षण और विकास एजेंसी तथा संबंधित पानी सप्लाई एजेंसियों से मांग की गई है कि वे आपसी तालमेल से किसानों की दिक्कतें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
किसानों के सवालों पर मुनगंटीवार पहले भी कई मांगें सरकार के सामने रख चुके हैं। धान उत्पादकों को बोनस मिले, कृषि उपज की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए केंद्र बनें, कृषि पंपों को बिना रुकावट बिजली मिले और प्राकृतिक आपदा के वक्त किसानों को जरूरी मदद मिले, इन मुद्दों पर वे लगातार अपनी बात रखते आए हैं। अब रब्बी सीजन की सिंचाई का सवाल उठाकर उन्होंने किसानों की मुश्किलों की तरफ प्रशासन का ध्यान खींचा है।
मुनगंटीवार ने पत्र में उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले में संवेदनशीलता से और तुरंत फैसला लेगा। उनका कहना है कि सूखे के इस मुश्किल वक्त में किसानों को सिर्फ आश्वासन नहीं, समय पर पानी और ठोस प्रशासनिक फैसले चाहिए। रब्बी सीजन चल ही रहा है, इसलिए जिला प्रशासन इस मांग की गंभीरता को समझे, सकारात्मक फैसला करे और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दे, यह आग्रह उन्होंने किया है।
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