BTech के बाद एमटेक करें या एमबीए? जानिए किसमें कितनी कमाई
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद एमटेक और एमबीए में से कौन सा रास्ता बेहतर है, इसका ब्योरा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बी.टेक या बी.ई. पूरी करने के बाद हर स्टूडेंट के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आगे क्या करें। नौकरी ढूंढने के अलावा ऊंची पढ़ाई के लिए मुख्य रूप से दो रास्ते हैं, एम.टेक (MTech) और एमबीए (MBA)। कौन सा कोर्स चुनने पर अच्छा स्कोप और मोटी सैलरी मिलेगी, इस पर स्टूडेंट अक्सर उलझन में रहते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों और हाल की प्लेसमेंट रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कोर्स की अपनी अलग अहमियत है। स्टूडेंट का फैसला इस पर टिका होना चाहिए कि उसका करियर का लक्ष्य क्या है और उसे तकनीकी स्किल्स में ज्यादा दिलचस्पी है या मैनेजमेंट स्किल्स में।
अगर आपको इंजीनियरिंग के बाद अपनी ही ब्रांच में आगे बढ़ना है, जैसे कंप्यूटर साइंस, मेकैनिकल, सिविल या इलेक्ट्रिकल, तो एमटेक बढ़िया विकल्प है। यह कोर्स पूरी तरह तकनीकी विशेषज्ञता, रिसर्च और नई टेक्नोलॉजी के विकास पर केंद्रित होता है।
एमटेक करने के बाद रिसर्च एंड डेवलपमेंट विंग में काम करने के रास्ते खुलते हैं। टेक कंपनियों में सीनियर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और कोडिंग एक्सपर्ट के तौर पर भी काम मिल सकता है। इसके अलावा ISRO, DRDO और BHEL जैसे नामी सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में भी एमटेक डिग्री वालों की बड़ी मांग रहती है।
दूसरी तरफ, अगर किसी इंजीनियरिंग स्टूडेंट को तकनीकी काम से हटकर बिजनेस मैनेजमेंट, लीडरशिप, मार्केटिंग या फाइनेंस में जाना है, तो उसके लिए एमबीए सबसे अच्छा रास्ता माना जाता है। इंजीनियरिंग के साथ एमबीए की डिग्री की कॉर्पोरेट दुनिया में काफी अहमियत है, क्योंकि कंपनियों को ऐसे प्रोफेशनल चाहिए जो टेक्नोलॉजी भी समझें और बिजनेस भी संभाल सकें।
देश के टॉप बिजनेस स्कूल, जैसे IIM, से एमबीए करने वाले इंजीनियरों को प्रोडक्ट मैनेजर, कंसल्टेंट, इन्वेस्टमेंट बैंकर और बिजनेस एनालिस्ट जैसे बड़े पदों पर सीधी नियुक्ति मिलती है। कॉर्पोरेट सेक्टर में एमबीए करने वाले नौजवानों का शुरुआती पैकेज सालाना 12 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक हो सकता है, जो अनुभव के साथ करोड़ों में पहुंच सकता है।
जब सीधी कमाई और सैलरी पैकेज की बात आती है, तो शुरुआत में भी और लंबे वक्त में भी एमबीए का पलड़ा थोड़ा भारी दिखता है। कॉर्पोरेट सेक्टर में मैनेजमेंट प्रोफेशनल पर बिजनेस बढ़ाने और फैसले लेने की जिम्मेदारी होती है, इसलिए उन्हें प्रमोशन और हाइक ज्यादा तेजी से मिलता है।
लेकिन जो स्टूडेंट AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और डेटा साइंस जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी में माहिर हो जाते हैं, उन्हें एमटेक के बाद भी बराबर या इससे ज्यादा पैकेज मिलता है। आम कॉलेजों से एमटेक करने के बजाय देश के टॉप IIT या NIT से एमटेक करना करियर को सही रफ्तार देता है। वहीं एमबीए में भी कॉलेज की ब्रांड वैल्यू सैलरी तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है।
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