नेशनल हाईवे पर गड्ढे में पलटी ट्रवल्स बस
चालक की मौत-दर्जन भर जख्मी, NH-44 पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़, निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
नागपुर.
सड़क पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य चल रहा हो और उसी के पास यात्रियों से भरी बस गहरे गड्ढे में पलट जाए, तो यह हादसा केवल एक चालक की गलती तक सीमित मानकर नहीं छोड़ा जा सकता. नागपुर जिले के कन्हान थाना क्षेत्र में NH-44 पर बुधवार तड़के हुए भीषण बस हादसे ने सड़क सुरक्षा, निर्माण स्थलों पर सावधानियों और यात्री परिवहन की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जबलपुर से नागपुर आ रही बस डुमरी के पास निर्माणाधीन पुल के लिए खोदे गए करीब 6 फीट गहरे गड्ढे में पलट गई. हादसे में चालक सुनील यादव की मौके पर मौत हो गई, जबकि दस से बारह यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए.
निर्माणाधीन पुल के पास मौत का गड्ढा!
जानकारी के अनुसार, बस क्रमांक MH27-8X 6521 बुधवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच डुमरी के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई. बताया जा रहा है कि बस अनियंत्रित होकर पुल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में जा गिरी. कन्हान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू की है. हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण स्थल पर वाहन चालकों को समय रहते सतर्क करने के लिए पर्याप्त चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद क्यू नहीं थे. फिलहाल इन पहलुओं पर आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है.
यात्रियों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा
यात्री बस में सफर करने वाले लोग चालक, परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर भरोसा करके यात्रा करते हैं. लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा में चूक की आशंका भी यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है.
इस हादसे के मद्देनजर कुछ अहम सवालों की जांच जरूरी है
निर्माण स्थल पर सुरक्षा : क्या गड्ढे से पहले पर्याप्त दूरी पर चेतावनी संकेत और रात में दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर लगाए गए थे
बैरिकेडिंग और रोशनी : क्या दुर्घटनास्थल पर वाहनों को खतरनाक हिस्से से दूर रखने के लिए उचित अवरोध और प्रकाश व्यवस्था की गई थी
निर्माण एजेंसी की जवाबदेही : क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? यदि कोई लापरवाही सामने आती है, तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? निर्माण एजेंसी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है.
बस संचालन की जांच : बस की गति, चालक का नियंत्रण और दुर्घटना के अन्य संभावित कारण क्या थे यह भी पता लगाया जाना चाहिए.
जांच के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी जरूरी
कन्हान पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है. दुर्घटना के कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा. हालांकि, ऐसी घटनाओं के बाद केवल मामला दर्ज करना पर्याप्त नहीं है. संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को दुर्घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर आवश्यक सुधार करने चाहिए. दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए. एक चालक की मौत और कई यात्रियों का घायल होना इस हादसे की गंभीरता को बयां करता है. अब जरूरत है कि दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच हो, निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए. सड़क निर्माण विकास का संकेत है, लेकिन विकास के नाम पर यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। NH-44 पर हुआ यह हादसा जिम्मेदार एजेंसियों के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा इंतजाम कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखाई देने चाहिए.
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