दिवाली से पहले नागपुर में FDA की कार्रवाई, 77.12 लाख रुपये के 219.4 किलो मसाले जब्त
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कलमना, इतवारी, वाड़ी और नागपुर ग्रामीण में जांच के दौरान मसाले जब्त किए। लैब रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
दिवाली से पहले नागपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), नागपुर विभाग ने खास फूड सेफ्टी मुहिम चलाई। इस दौरान 77.12 लाख रुपये कीमत के 219.4 किलो मसाले जब्त किए गए। जांच नागपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में हुई, जिसमें कलमना, इतवारी, वाड़ी और नागपुर ग्रामीण शामिल हैं।
जांच में साफ-सफाई और स्टोरेज के तय मानकों के कई कथित उल्लंघन सामने आए। FDA का कहना है कि जब्त किए गए मसाले संदिग्ध रूप से घटिया या मिलावटी हो सकते हैं और हो सकता है कि वे गंदे हालात में बनाए गए हों। लेकिन संदिग्ध उल्लंघन की असल प्रकृति लैब जांच के बाद ही तय होगी, यह भी FDA ने साफ किया है।
दिवाली के पहले मसालों, मिठाइयों, नमकीन और दूसरी खाने की चीजों की मांग बहुत बढ़ जाती है। इसी वजह से निर्माताओं, व्यापारियों और खाने-पीने के ठिकानों की जांच और कड़ी की गई है।
FDA नागपुर के सहायक आयुक्त आर आर शाह के मुताबिक जांच में शेड्यूल फोर की हाइजीन जरूरतों का उल्लंघन पाया गया। यह शेड्यूल साफ-सफाई बनाए रखने और खाने को सुरक्षित तरीके से संभालने के मानक तय करता है। गड़बड़ियों में खाने का सामान सीधे जमीन पर रखा होना, ठीक से पैकिंग न होना, गलत लेबलिंग और जांच की गई जगहों पर आम तौर पर गंदगी शामिल हैं।
ऐसी खामियां इस बात पर सवाल खड़े करती हैं कि खाने का सामान ग्राहकों तक पहुंचने से पहले किन हालात में बनता, रखा और संभाला जाता है। FDA ने क्वालिटी में गड़बड़ी और संभावित मिलावट के शक में मसाले जब्त किए हैं, जिनकी पुष्टि लैब टेस्ट से होनी बाकी है।
शाह ने कहा कि टेस्ट के नतीजे आने से पहले कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। उनके मुताबिक लैब रिपोर्ट से पता चलेगा कि सैंपल में कोई अज्ञात चीज मिली है या वे तय क्वालिटी मानकों पर खरे नहीं उतरे। यह फर्क अहम है, क्योंकि जब्ती सिर्फ संदिग्ध उल्लंघन दिखाती है, इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि सामान मिलावटी था।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि FDA 14 दिनों के भीतर आगे की कार्रवाई कर सकता है। लैब जांच के नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि उल्लंघन किस तरह के हैं और जहां उल्लंघन साबित होंगे वहां जिम्मेदार लोगों पर आगे क्या कार्रवाई होगी।
यह मुहिम सिर्फ मसालों तक सीमित नहीं है। FDA नागपुर के संयुक्त आयुक्त कृष्णा जयपुरकर के मुताबिक दिवाली की बड़ी फूड सेफ्टी मुहिम के तहत खाने के तेल, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट, चॉकलेट और नमकीन की भी जांच हो रही है।
त्योहार के मौसम में चकली जैसे पारंपरिक महाराष्ट्रीय स्नैक्स और नाश्ते की दूसरी चीजों की खपत और मांग बढ़ती है, इसलिए वे भी जांच के दायरे में हैं। जांच का दायरा बढ़ाने का मकसद उन तमाम खाने की चीजों की क्वालिटी और सुरक्षा पर नजर रखना है, जो घरों में दिवाली पर आम तौर पर खरीदी जाती हैं।
ग्राहकों को चाहिए कि वे पैकिंग, लेबल, बनने की तारीख और एक्सपायरी देखकर ही सामान खरीदें और साफ तौर पर गंदी जगहों से खाने की चीजें न लें। अजीब तरह से पैक किए गए या ठीक से लेबल न किए गए सामान पर खास सावधानी रखनी चाहिए।
अब सबकी नजर लैब रिपोर्ट पर है। उसी से तय होगा कि जब्त मसाले सुरक्षा या क्वालिटी के मानकों पर खरे नहीं उतरे या नहीं, और उसके बाद क्या कार्रवाई होगी। यह मुहिम इस बात की भी परीक्षा होगी कि दिवाली में नागपुर में बिकने वाला खाना जरूरी हाइजीन और सुरक्षा शर्तों पर खरा उतरे, यह जांच से कितना पक्का हो पाता है।
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