भागचंदानी रैकेट का शिकार हुआ दवा व्यापारी
चैनल में किया था निवेश, रुपए वापिस मांगने से पिस्तौल की नोंक पर हफ्ता वसूली, यूट्युबर सहित 7 पर मामला दर्ज
नागपुर.
आरटीआई एक्ट के नाम पर हफ्ता वसूली करनेवाले कुख्यात प्रमोद भागचंदानी के रैकेट की जड़े खोदने में जूटी शहर पुलिस ने हफ्ता वसूली का तीसरा मामला दर्ज किया है. इस प्रकरण में भागचंदानी के साथ यूट्युबर रितेश बोरकर, विजय खवसे, रिंकू पानतावने, उमेश यादव, सुजीत भोयर और सुजीत भोयर को आरोपी बनाया गया है.
ताजा प्रकरण के शिकायतकर्ता मेडिकल स्टोस संचालक निशांत गुप्ता है. गुप्ता की शिकायत के अनुसार 2022 में वह एक प्रकरण में तहसील थाने में गए थे. वहां उनकी रितेश बोरकर से मुलाकात हुई. इसके बाद से बोरकर उनके पास आने लगा. बोरकर ने उन्हें चैनल में निवेश करने को कहा. इसके बदले में काफी मुनाफा होने का बताया. बोरकर की बात पर भरोसा करके गुप्ता ने 20 लाख रुपए का निवेश किया. उनके एक दोस्त ने भी दो लाख रुपए दिए. इसके बाद से बोरकर पार्टनरशिप डीड करने के नाम पर टालमटोल करता रहा. यह देखकर गुप्ता ने बोरकर से पैसे लौटाने को कहा. 15 मई 2025 को बोरकर ने उन्हें फोन करके सीताबर्डी के इलेक्ट्रॉनिक मार्केट स्थित चैनल के कार्यालय में बुलाया. वहां बोरकर के साथ उमेश यादव सुजीत भोयर, सुनील मंगलकर, रिंकू पानतावने, प्रमोद भागचंदानी और विजय खवसे थे. सभी ने उन्हें घेर लिया धमकाते हुए 'मैं मीडिया वाला हूं' बोलने लगा. प्रमोद भागचंदानी ने कमर से रिवाल्वर निकालकर धमकाया और बोला तेरे जैसे बहुतो को मैंने लाइन पर लगाया है मैं क्या हूं यह रिंकू से पूछ. रिंकू ने फर्जी मामले में फसाने की धमकी दी. सभी गुप्ता से रुपयों की मांग करने लगे. रिवाल्वर की नोक पर धमकाए जाने से गुप्ता ने 50 हजार रुपए दे दिए. आरोपियों ने गुप्ता को एमडी जेब में रखकर फसाने की धमकी दी. गुप्ता का कहना है कि फर्जी केस में फसाने के भय से उन्होंने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई.
भाग्यचंदानी के खिलाफ पांचपावली थाने में हफ्ता वसूली और एट्रोसिटी का मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करना उचित समझा. इसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद सीताबर्डी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 308 (2), 308 (3), 115 (2), 352, 351 (2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. भागचंदानी के खिलाफ चार दिनों दिनों के भीतर यह तीसरा मामला दर्ज हुआ है. उसके खिलाफ पहले भी हफ्ता वसूली और ब्लैकमेलिंग के चार से पांच मामले दर्ज हैं. भागचंदानी ने आरटीआई एक्ट के नाम पर शहर में आतंक मचाया हुआ था. मनपा, एनआईटी, पुलिस सहित कई विभागों के लोग भागचंदानी की ब्लैकमेलिंग के शिकार है. अकेले जरीपटका में ही कई लोग लोगों से उसने उगाही की है. भागचंदानी की अपराधी और ब्लैकमेलरों से नजदीकी होने की वजह से पीड़ित शिकायत दर्ज करने से कतराते थे. शहर पुलिस की सख्ती को देखते हुए आगामी दिनों में कई पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद है. जोन तीन के डीसीपी राहुल मदने ने पीड़ित नागरिकों से शिकायत दर्ज करने के लिए सामने आने की अपील की है.
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