भागचंदानी हफ्ता वसूली से बन गया था 'भस्मासुर'
मनपा-एनआईटी अधिकारी भी है भागिदार, फर्जी शिकायतों पर जारी किए नोटिस, आरोपी बनाए जाने की मांग
नागपुर.
आरटीआई एक्ट के नाम पर हफ्ता वसूली करनेवाले कुख्यात प्रमोद भागचंदानी के रैकेट के रैकेट में मनपा, एनआईटी और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी-कर्मी शामिल है. उनकी मदद से ही भागचंदानी सालों से लोगों को ब्लैकमेल करके उगाही कर रहा था. भागचंदानी की फर्जी शिकायते के आधार पर नागरिकों को जारी किए गए नोटिस की गहराई से जांच करने पर कई सरकारी अधिकारी-कर्मचारी बेनकाब हो सकते है.
ज्ञात हो कि भागचंदानी रैकेट के खिलाफ अबतक हफ्ता वसूली सहित तीन मामले दर्ज हुए है. इनमें 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है. कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज है. भागचंदानी कथित अवैध निर्माण कार्य की आरटीआई के माध्यम से जानकारी हासिल करके लोगों को ब्लैकमेल करता था. खूद उगाही करने के साथ अपने रैकेट में शामिल लोगों को भी उगाही करने में मदद करता था. उसकी शिकायत आते ही मनपा, एनआईटी तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आकर लोगों को नोटिस जारी करते थे. पेशेवर अपराधी और सूचना आयुक्त द्वारा ब्लैकमेलर जाहिर करने के बाद अधिकारी अपने नोटिस में भागचंदानी के नाम का उल्लेख करते थे. इससे भागचंदानी को ब्लैकमेल करके हफ्ता वसूली करना आसान हो जाता था. उगाही होने के बाद भागचंदानी का इसारा मिलते ही कथित अवैध निर्माण कार्य तोड़ने की धमकी देनेवाले अधिकारी शांत हो जाते है. इसी वजह से भागचंदानी की शिकायत पर जारी नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है. ऐसे अधिकारियों को भी आरोपी बनाए जाने की मांग हो रही है.
भागचंदानी की मनपा अधिकारियों से सांठगांठ का सबूत पांचपावली में दर्ज एट्रासिटी का प्रकरण है. इस प्रकरण के पीड़ित मनपा कर निरीक्षक को भागचंदानी मनपा के बड़े अधिकारियों के नाम की धौंस दिखाकर धमकाता था. उन अधिकारियों द्वारा अपने इसारे पर हर काम करने का दावा करता था. एक अधिकारी के नाम का उल्लेख करते हुए उसने जरीपटका के एक सामाजिक कार्यकर्ता को 'घाट पर' पहुंचाने का भी दावा किया था. सामाजिक कार्यकर्ता को लेकर की गई इस तरह की टिपण्णी से भागचंदानी के 'भस्मासुर' बनने का पता चलता है. भागचंदानी की करतूते सामने आने के बाद से जरीपटका के पीड़ित एकजूट होने लगे है. वह भागचंदानी के खिलाफ मकोका जैसी सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे है. भागचंदानी की जरीपटका के एक शू व्यापारी से बेहद करीबी बताई जाती है. उसके इसारे पर ही भागचंदानी द्वारा जरीपटका के नागरिकों को ब्लैकमेल किए जाने की चर्चा है. इस शू व्यापारी को भी आरोपी बनाए जाने की मांग की जा रही है. पुलिस ने भी भागचंदानी के पीड़ितों से शिकायत करने सामने आने की अपिल की है.