अमरावती से पुणे की उड़ान का रास्ता साफ, इंदूर के लिए तीन कंपनियों को चिट्ठी
अमरावती-पुणे हवाई रूट संशोधित उड़ान योजना में शामिल, इंदौर सेवा के लिए एमएडीसी ने इंडिगो, स्टार एयर और फ्लाय 91 से बात शुरू की।
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अमरावती के लोगों के लिए राहत की खबर है। अमरावती-पुणे हवाई सेवा की उम्मीदें फिर जाग उठी हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस हवाई रूट को संशोधित 'उड़ान' योजना में शामिल कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे इस सेवा के लिए लगातार पीछे लगे रहे।
इसी बीच बेलोरा में अमरावती के एयरपोर्ट से इंदौर के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने की हलचल शुरू हो गई है। इससे पश्चिम विदर्भ की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। सीधी हवाई सेवा शुरू हुई तो शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और उद्योग को रफ्तार मिल सकती है और पश्चिम विदर्भ के विकास को भी नई दिशा मिल सकती है।
पुणे शिक्षा, आईटी, उद्योग और व्यापार का अहम केंद्र है। अमरावती समेत पश्चिम विदर्भ के छात्रों, कारोबारियों, उद्योगपतियों और नौकरीपेशा लोगों को अलग-अलग कामों के लिए पुणे जाना पड़ता है। सीधी उड़ान से उनका यह सफर ज्यादा आसान हो सकता है।
इंदौर सेवा के लिए महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास कंपनी (एमएडीसी) ने पहल की है। कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दीपक कपूर ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी में बताया कि इंडिगो, स्टार एयर और फ्लाय 91, इन तीन विमान कंपनियों से पत्राचार किया गया है। लेकिन इंदौर की उड़ान आखिर कब शुरू होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
इंदौर मध्य भारत का एक बड़ा कारोबारी केंद्र है। अमरावती के कई व्यापारियों और उद्योगपतियों को इंदौर आना-जाना पड़ता है। अभी सड़क रास्ते से जाना पड़ता है, और रेलवे से सफर करें तो काफी घूमकर जाना पड़ता है। सीधी हवाई सेवा शुरू हुई तो व्यापारियों, उद्योगपतियों और पर्यटकों का वक्त बच सकता है और दोनों शहरों के आर्थिक रिश्ते भी मजबूत हो सकते हैं।
फिलहाल बेलोरा एयरपोर्ट से मुंबई-अमरावती-मुंबई हवाई सेवा हफ्ते में चार दिन चल रही है। यात्रियों की मांग है कि पुणे, दिल्ली और इंदौर के लिए भी नियमित उड़ानें शुरू हों। अमरावती-पुणे रूट के संशोधित 'उड़ान' योजना में शामिल होने की जानकारी सामने आई है, फिर भी सेवा कब शुरू होगी, कौन सी विमान कंपनी चलाएगी, समय-सारिणी क्या होगी और टिकट का दाम कितना रहेगा, इन सबकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। इसलिए अमरावती के लोगों की नजर हवाई संपर्क बढ़ाने के अगले फैसलों पर टिकी है।