मालतपुर का स्वास्थ्य केंद्र दो कमरों में चल रहा, वाडकर ने दी आमरण अनशन की चेतावनी
वाई तालुका के मालतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की अपनी इमारत का मामला सालों से अटका है। रोहित वाडकर ने दशहरे तक कार्रवाई न होने पर गांववालों के साथ आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
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वाई तालुका के पश्चिमी हिस्से के लोगों को स्वास्थ्य सेवा देने वाला मालतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फिलहाल गांव की चावड़ी पर बने सिर्फ दो कमरों में चल रहा है। केंद्र के लिए अच्छी सुविधाओं वाली अपनी इमारत बनाने का मामला कई सालों से अटका पड़ा है, इसलिए लोगों को कम सुविधाओं में ही इलाज लेना पड़ रहा है।
रोहित वाडकर का आरोप है कि जगह का कब्जा और उसकी नपाई की प्रक्रिया रुकी होने की वजह से यह मामला हल नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा है कि जिला परिषद प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। वाडकर ने चेतावनी दी है कि दशहरे तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे गांववालों के साथ आमरण अनशन करेंगे।
मालतपुर का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाई तालुका के पश्चिमी इलाके के लोगों के लिए अहम स्वास्थ्य केंद्र है। इसके बावजूद यह अभी चावड़ी के दो कमरों तक सिमटा हुआ है। बढ़ती जरूरत को देखते हुए केंद्र को अलग और सुविधाओं से लैस इमारत मिलनी चाहिए।
वाडकर ने दुख जताया कि लगातार पीछे पड़ने के बाद भी प्रशासन कोई ठोस फैसला नहीं ले रहा। उनका कहना है कि गांव के लोगों की सेहत से जुड़ा सवाल सालों तक लटका रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पूरे मामले के केंद्र में मालतपुर के सर्वे नंबर 87/35 की जगह है। बताया जा रहा है कि यह जगह जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम पर है, लेकिन असल में कब्जा मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जगह की नपाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 3 जुलाई को राजस्व विभाग को पत्र दिया था।
वाडकर का आरोप है कि उसके बाद भी जो कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि जगह की नपाई कब होगी, कब्जा कब मिलेगा और इमारत बनाने का काम कब शुरू होगा, इस पर प्रशासन साफ समय-सीमा बताए।
रोहित वाडकर ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी यशनी नागराजन के कामकाज के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों और तालुका स्वास्थ्य विभाग पर राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे काम में रुकावटें आ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर पहले एक-दूसरे की आलोचना करने वाले मकरंद आबा और दिनकर शिंदे अब साथ हैं, फिर भी स्वास्थ्य केंद्र का मामला नहीं सुलझा। उनकी मांग है कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन न दे, असल में काम शुरू करे। दशहरे तक ठोस फैसला और कार्रवाई नहीं हुई तो वाडकर पश्चिमी इलाके के लोगों को साथ लेकर आमरण अनशन शुरू करेंगे।