अमेरिका में X से दूर हो रहे लोग, 2025 के 21 फीसदी से 2026 में 18 फीसदी पर आया
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में इलॉन मस्क के X का इस्तेमाल करने वाले बालिगों की हिस्सेदारी घटी है, जबकि यूट्यूब और फेसबुक आगे हैं।
अमेरिका के सोशल मीडिया बाज़ार में बड़ा बदलाव दिख रहा है। एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क के प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की लोकप्रियता वहां तेज़ी से नीचे आ रही है और यूज़र्स में काफी निराशा है।
आंकड़ों के मुताबिक 2025 में करीब 21 फीसदी अमेरिकी बालिग X इस्तेमाल करते थे। 2026 में यह आंकड़ा सीधे 18 फीसदी पर आ गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब से इलॉन मस्क ने यह प्लेटफॉर्म खरीदा है, इसके कामकाज, पॉलिसी और एल्गोरिदम में कई बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों की वजह से कई पुराने यूज़र्स और जानकार इससे दूर होते दिख रहे हैं।
दूसरी तरफ गूगल का यूट्यूब, मेटा का फेसबुक और इंस्टाग्राम अमेरिकियों की रोज़ की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 84 फीसदी अमेरिकी बालिग यूट्यूब इस्तेमाल करते हैं। इसकी बड़ी वजह वहां मौजूद भरपूर वीडियो कंटेंट है, जिसमें पढ़ाई, मनोरंजन और जानकारी वाले वीडियो शामिल हैं।
यूट्यूब के बाद मार्क ज़ुकरबर्ग का फेसबुक है, जो अब भी 70 फीसदी अमेरिकियों के मोबाइल पर चालू है। दोस्तों और रिश्तेदारों से जुड़े रहने, पुराने जानने वालों को याद करने, फोटो और वीडियो शेयर करने और कम्युनिटी ग्रुप में शामिल होने के लिए लोग आज भी इस पर भरोसा करते हैं। इसके अलावा नौजवानों में इंस्टाग्राम और टिकटॉक का क्रेज़ भी बढ़ा है। अमेरिका में 51 फीसदी बालिग इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते हैं, जबकि 37 फीसदी के फोन में टिकटॉक चालू है।
एक सर्वे में यह भी सामने आया कि पढ़ाई का स्तर इस्तेमाल पर असर डालता है। जिन लोगों ने सिर्फ हाईस्कूल तक पढ़ाई की है, उनमें यूट्यूब (77 फीसदी), फेसबुक (67 फीसदी) और टिकटॉक (43 फीसदी) सबसे ज़्यादा चलते हैं। लेकिन पढ़ाई का स्तर बढ़ने के साथ पसंद बदलती जाती है।
ऊंची पढ़ाई वाले और कॉलेज ग्रेजुएट लोगों में लिंक्डइन का इस्तेमाल 51 फीसदी है, जबकि हाईस्कूल तक पढ़े लोगों में यह सिर्फ 13 फीसदी है। इससे साफ है कि पढ़े-लिखे लोग करियर और प्रोफेशनल नेटवर्किंग के लिए लिंक्डइन को तरजीह देते हैं। इसी तरह रेडिट ग्रेजुएट लोगों में 12 फीसदी से 36 फीसदी तक पहुंचता है। टिकटॉक कम पढ़े लोगों में 43 फीसदी है, जबकि कॉलेज ग्रेजुएट में सिर्फ 28 फीसदी।
अब व्हॉट्सऐप की बात करें तो भारत में यह सिर्फ चैटिंग का ज़रिया नहीं रहा, बल्कि कारोबार और रोज़मर्रा की ज़िंदगी की रीढ़ बन गया है। छोटी चाय की गुमटी से लेकर बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों तक सब इसे इस्तेमाल करते हैं। ग्राहकों से बातचीत, डिजिटल पेमेंट और फैमिली ग्रुप की वजह से यहां इसका बहुत क्रेज़ है।
अमेरिका में तस्वीर उलट है। वहां सिर्फ 33 फीसदी लोग व्हॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं और ज़्यादातर लोग टेक्स्ट मैसेज के लिए आईफ़ोन का iMessage या दूसरे मैसेजिंग ऐप पसंद करते हैं। 2023 से 2026 के बीच अमेरिका में व्हॉट्सऐप का इस्तेमाल 18 से 21 फीसदी के आसपास घूमता रहा है। ट्रुथ सोशल जैसे सियासी प्लेटफॉर्म सिर्फ 3 से 4 फीसदी लोग इस्तेमाल करते हैं, यानी मुख्यधारा में बाकी ऐप्स का ही दबदबा है।
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