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500 करोड़ के दावे पर श्रीकांत शिंदे का जवाब: पैसा मुझ तक आया ही नहीं, मैं भी लेने वाले को ढूंढ रहा हूं

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने शनिवार को ऑडियो क्लिप में लगे 500 करोड़ रुपये के आरोप को खारिज किया और कहा कि पैसा उन तक आया ही नहीं।

500 करोड़ के दावे पर श्रीकांत शिंदे का जवाब: पैसा मुझ तक आया ही नहीं, मैं भी लेने वाले को ढूंढ रहा हूं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की जारी की हुई एक ऑडियो क्लिप ने महाराष्ट्र की सियासत में तूफान खड़ा कर रखा है। क्लिप में दावा है कि जरांगे को चुप कराने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए और यह रकम श्रीकांत शिंदे के हाथ से होकर गई। शनिवार को शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने मीडिया के सामने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। उनका साफ कहना है कि ऐसा कोई पैसा उन तक पहुंचा ही नहीं।

श्रीकांत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस सवाल ने जरांगे को परेशान कर रखा है, वही सवाल उन्हें भी खाए जा रहा है कि आखिर इतना पैसा गया कहां। उनके मुताबिक वे खुद भी उस आदमी की तलाश में हैं, जिसे रिकॉर्डिंग में रकम मिलने की बात कही गई है। श्रीकांत ने कहा, "जिस किसी के पास 500 करोड़ गए, वे मुझ तक नहीं पहुंचे।" उन्होंने यह भी जोड़ा, "मैं भी उस आदमी को ढूंढ रहा हूं जिसे 500 करोड़ रुपये दिए गए। पैसा तो मुझ तक पहुंचा ही नहीं। मेरा सवाल वही है जो जरांगे का है।"

बात को उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में भी रखा। श्रीकांत के मुताबिक पिछले दो दिन से वे खुद इसी पर माथापच्ची कर रहे थे कि पैसा कहां गया होगा। बातचीत में यह भी आया कि इतनी बड़ी रकम एक जगह रखी जाए तो ढेर कैसा दिखेगा और उसे ढोने के लिए कितनी गाड़ियां चाहिए होंगी। उन्होंने कहा, "हम सोच रहे थे कि 500 करोड़ रुपये का ढेर कैसा दिखेगा और उसे ले जाने के लिए कितनी गाड़ियां लगेंगी।" उन्होंने लोगों से कहा कि किसी को पता चले तो उन्हें भी बता दे, और उन्हें खुद पता चला तो वे सबको बता देंगे। उनकी राय में कौन क्या बोल रहा है, यह उतना मायने नहीं रखता, असली काम पैसा लेने वाले का पता लगाना है।

श्रीकांत ने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जो जांच का आदेश दिया है, उससे तस्वीर साफ हो जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक फडणवीस ने रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि पता चले कि क्लिप असली है या नहीं, और यह कैसे बनी और कैसे फैली। खबर है कि विवाद उठते ही शिंदे गुट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और उसी वक्त जांच की बात तय हुई थी।

अब पीछे की कहानी। जरांगे ने यह क्लिप गुरुवार को जालना में सुनाई। बताया जा रहा है कि इसमें भाजपा से जुड़े लोगों की बातचीत है। क्लिप में दो महिलाओं की आवाज बताई जाती है। एक महिला दावा करती है कि भाजपा ने एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए और रकम श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहुंचाई गई, ताकि जरांगे को मैनेज किया जा सके। दावा यह भी है कि यह सब जरांगे के उपोषण के दौरान हुआ। क्लिप सुनाने के बाद जरांगे ने एकनाथ शिंदे से अपील की थी कि वे बताएं कि यह बात सच है या झूठ। उन्होंने यह भी पूछा कि भाजपा आपका गेम कर रही है या मेरा। जरांगे ने एकनाथ और श्रीकांत दोनों से सफाई मांगी थी।

कथित ऑडियो में बोलने वाले 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठवाड़ा में जरांगे के बढ़ते असर की काट पर बात करते सुनाई देते हैं। एक वक्ता के हवाले से कहा गया है कि इस कार्यकर्ता से सीधे नहीं, घुमा-फिराकर निपटना चाहिए। वजह यह बताई गई कि उनके अभियान में भाजपा को मराठा विरोधी दिखाया जा रहा था, जिसका चुनाव पर असर पड़ सकता था। जरांगे का आरोप है कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई थी। उन्होंने क्लिप और उसमें शामिल सभी लोगों की पूरी जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने खुद कोई रकम लेने से इनकार किया है।

इस बीच सत्ताधारी महायुति के दो घटक दल, भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना, आमने-सामने हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एआई से यह रिकॉर्डिंग बनवाई। राउत पलटकर कहते हैं कि क्लिप भाजपा के ही एक विधायक ने लीक की। शिवसेना के नेताओं ने भी सवाल उठाया कि क्लिप बाहर किसने निकाली और भाजपा से जुड़े लोग श्रीकांत शिंदे के बारे में ऐसी बातें कैसे कर सकते हैं।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि क्लिप कितनी असली है। पैसे के लेन-देन को लेकर किए गए दावे अब तक किसी स्वतंत्र जांच से साबित नहीं हुए हैं, और श्रीकांत शिंदे और जरांगे दोनों रकम लेने से इनकार कर रहे हैं।

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